मुंबई में उत्तर भारतीयों की शीर्ष संस्था उत्तर भारतीय संघ दिसंबर महीने में सामूहिक विवाह का आयोजन करेगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने गुरुवार को बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन में डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी लाइब्रेरी के उद्घाटन के दौरान यह घोषणा की।
उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने पुरखों की विरासत जान सके, इसलिए यह पुस्तकालय शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि दिसंबर में उत्तर भारतीय संघ की तरफ से होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन का खर्च संघ करेगा। स्वर्गीय आरएन सिंह का सपना था कि उत्तर भारतीय संघ भवन की इतनी ख्याति हो कि लोग उसे देखने यहां आएं। हम इसी सपने को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
संतोष सिंह ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में रह रहे तमाम उत्तर भारतीयों को संघ से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा और उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। इससे पहले लाइब्रेरी का उद्घाटन डॉ. त्रिपाठी की बेटी डॉ. मंजू पांडे और बेटे तथा वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम को पूर्व मंत्री और सांसद रमेश दुबे, पूर्व सांसद हरिबंश सिंह, भाजपा विधायक राजहंस सिंह, पूर्व मंत्री नसीम खान, पूर्वमंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी, डॉ. राधेश्याम तिवारी, जीपी सिंह और शारदा प्रसाद सिंह ने संबोधित किया।
महाराष्ट्र में मंत्री रहे डॉ. त्रिपाठी, लेकिन उनके पास नहीं था अपना घर
इस दौरान अनुराग त्रिपाठी अपने पिता की यादों में खो गए। उन्होंने कहा कि हमारा परिवार इतना साधारण था कि अन्य बच्चों की तरह हम भी दूसरों के घर टीवी देखने जाते थे। पिताजी नगर विकास, आवास मंत्री तक रहे, लेकिन उनके पास खुद का घर तक नहीं था। हम लोग नानाजी के मकान में रहते थे। बाबूजी के आसपास ईमानदार कार्यकर्ता थे और उन्होंने डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी को ईमानदार बनाया। डॉ. त्रिपाठी मूलरूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के निवासी थे और मुंबई के उत्तर भारतीय समाज के शीर्ष पुरुष कहे जाते हैं।
आज के राजनीतिज्ञों से भिन्न थे डॉ. त्रिपाठी: राजहंस सिंह
भाजपा विधायक राजहंस सिंह ने डॉ. राम मनोहत त्रिपाठी की प्रसंशा करते हुए कहा कि वे आज के राजनीतिज्ञों से काफी अलग थे। उन्होंने राजनीति में मुकाम हासिल करने के लिए कभी किसी की जी हुजूरी नहीं की, बल्कि मंत्रीपद के लिए उन्हें सामने से ऑफर किया जाता था। डॉ. त्रिपाठी प्रखर वक्ता होने के साथ-साथ साहित्यकार, कवि और पत्रकार भी थे। वे सदैव उत्तर भारतीय समाज के हित लिए काम करते थे। वह चाहते तो बहुत कुछ हासिल कर सकते थे। विधायक सिंह ने उत्तर भारतीय संघ भवन में डॉ. त्रिपाठी के नाम पर पुस्तकालय खोलने की प्रसंशा की और संघ को हमेंशा सहयोग देने का वादा किया।