मुंबई में मैक डॉनल्ड, बर्गर किंग और स्टारबक्स समेत कई फूड आउटलेट्स पर प्लास्टिक प्रतिबंधित नियम का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया गया है। प्लास्टिक प्रतिबंधित किए जाने के बाद महज चार दिनों में बृहन्मुंबई नगर पालिका परिषद (बीएमसी) 2.95 लाख रुपये के जुर्माने की वसूली कर चुकी है।
महाराष्ट्र में 23 जून को प्लास्टिक और थर्मोकोल पर प्रतिबंध लगाया गया था। दुकानदार इस नियम का पालन कर रहे हैं या नहीं इस बात का पता लगाने के लिए बीएमसी ने करीब 8000 दुकानों का निरीक्षण किया। उप नगर आयुक्त निधी चौधरी ने बताया कि शहरी नागरिक निकाय ने कुल 8,061 दुकानों का निरीक्षण किया, जिसमें से 59 में प्रतिबंधित सामान पाया गया। उन्होंने बताया कि राज्य में ज्यादातर दुकानदार प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि कुल 132 परिसर जिसमें बर्गर किंग, मैक डॉनल्ड और स्टार बक्स भी शामिल हैं पर जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा गोदरेज नेचर्स बास्केट की एक ब्रांच और एक सुपर मार्केट चेन को भी दंडित किया गया है। राज्य में अधिकतर व्यापारी इस प्रतिबंध का समर्थन तो कर रहे हैं लेकिन इसका कार्यान्वयन नहीं कर रहे हैं।
भारत मर्चेंट चैंबर के ट्रस्टी राजीव सिंघल ने इस मामले में कहा कि "हम इसके पारिस्थिकीय महत्व को समझते हैं। प्लास्टिक प्रतिबंध का समर्थन भी कर रहे हैं लेकिन उस तरह से नहीं जैसे इस नियम को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस नियम को मानसून के समय लागू नहीं करना चाहिए था क्योंकि लोगों को ऐसे ही समय में प्लास्टिक के बैग की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। जिन व्यापारियों के लिए प्लास्टिक सामग्री अनिवार्य हैं उन्हें इसमें छूट मिलनी चाहिए।"
सिंघल ने आगे कहा कि ये बात सब जानते हैं कि टोस्ट या कोई अन्य सनैक्स यदि हवा के संपर्क में आएं तो उनमें करारापन नहीं रहता है। प्लास्टिक कवर उनके करारेपन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इस तरह के उत्पादों को कागज में रैप करके नहीं बेचा जा सकता।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र प्लास्टिक और थर्मोकोल पर प्रर्तिबंध लगाने वाला देश का 18वां राज्य बन गया है। हालांकि जिन लोगों के पास अभी भी प्लास्टिक का स्टॉक है उसे नष्ट करने के लिए सरकार ने उन्हें एक महीने का वक्त दिया है। जो लोग इस प्रतिबंध का पालन नहीं करेंगे उन्हें 5,000 रुपये से 25,000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ेगा या फिर तीन महीने की जेल भी हो सकती है।