महाराष्ट्र में एक अजीबोगरीब मामले में नासिक महानगरपालिका (एनएमसी) ने दक्षिणपंथी कार्यकर्ता संभाजी भिडे से उन दंपतियों के नाम बताने के लिए कहा है जिन्हें उनके खेत के आम खाने के बाद बच्चे पैदा हुए हैं।
एनएमसी ने भिडे को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्हें अपने दावे को साबित करने के लिए कहा है। भिडे ने दावा किया है कि उनके बाग के आम खाने से इन दंपतियों को बेटा पैदा होने में मदद मिली।
भिडे ने इस महीने एक रैली में दावा करते हुए कहा था, 'मैंने अपनी मां के अलावा कभी किसी को यह नहीं बताया। मैंने अपने बाग में आम के ये पेड़ लगाए। अभी तक बिना बच्चों वाले 180 दंपतियों ने मुझसे फल लिया है और उनमें से 150 को बच्चा हुआ है।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर कोई दंपति बेटा चाहता है तो उन्हें ये आम खाने के बाद बेटा होगा। बांझपन का सामना कर रहे लोगों के लिए यह आम फायदेमंद है।'
एनएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि एक सामाजिक कार्यकर्ता ने भिडे के दावे को झूठा बताते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क किया था जिसके बाद पिछले सप्ताह भिडे को नोटिस भेजा गया। बता दें शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान का नेतृत्व करने वाले भिडे एक जनवरी को हुई भीमा-कोरेगांव जातीय हिंसा के मामले में आरोपी हैं।