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मुंबई: 13 महीने में तीन बार संक्रमित हुई यह डॉक्टर, टीका लगवाने के बाद भी दो बार हुआ कोरोना

Wed, 28 Jul 2021 05:52 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई की 26 वर्षीय डॉक्टर श्रुति हलारी एक साल में तीन बार कोरोना संक्रमित हो चुकी हैं। इससे भी अधिक आश्चर्य की बात यह है कि उन्हें वैक्सीन के दोनों डोज लग चुका है। वह पिछले साल जून 2020 से लेकर अबतक तीसरी बार संक्रमित हुई हैं।
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डॉ श्रृति हलारी - फोटो : Facebook
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विस्तार
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कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद मुंबई की रहने वाली  डॉ श्रृति हलारी के तीसरी बार कोरोना संक्रमति होने से सब हैरान हैं। बृहनमुंबई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) ने कहा है कि जीनोम विश्लेषण के लिए  डॉ हलारी के सैंपल लिए गए हैं। 

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डॉ हलारी जब तीसरी बार संक्रमित हुईं तो इसके लक्षण दूसरी बार की तुलना में गंभीर थे। जबकि पहली बार पॉजिटीव होने पर उनमें कोई लक्षण नहीं था। लेकिन दूसरी और तीसरी बार संक्रमित होने पर उन्हें कई तरह की परेशानियां महसूस हुईं। उन्होंने कहा कि मुझे सिरदर्द रहता था और कमजोरी महसूस होती थी। मैं स्क्रीन को 10 मिनट से ज्यादा नहीं देख सकती थी।  उन्होंने वैक्सीन की अपनी पहला डोज 8 मार्च को और दूसरा डोज 29 अप्रैल 2021 को लिया था। 

पूरा परिवार भी कोरोना संक्रमित 
एक टीवी चैनल से बात करते हुए, डॉ श्रुति हलारी ने कहा कि वह यह बात जान कर हैरान हैं कि वह तीसरी बार कोरोना संक्रमित हो गईं। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर के रूप में मैं अपने मरीजों को सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के बारे में बताती रहती हूं और खुद भी सभी प्रोटोकॉल का पालन करती हूं, लेकिन मुझे आश्चर्य तब हुआ जब मुझे तीसरी बार संक्रमण हो गया। उन्होंने कहा कि हालांकि लक्षण बहुत गंभीर नहीं थे, फिर भी मुझे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुझे दूसरी बार संक्रमित हुए अभी 45 दिन हुए थे। मेरा पूरा परिवार भी संक्रमित हो गया है। लेकिन हमने समय पर दवा शुरू की। हमारे फेफड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अब मैं ठीक हूं। 
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विशेषज्ञ के मुताबिक यह दुर्लभ मामला 
डॉक्टर्स का कहना है कि किसी व्यक्ति के तीसरी बार संक्रमित होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें कोरोना के वेरिएंट से लेकर इम्यूनिटी लेवल या गलत जांच रिपोर्ट भी बड़ी वजह हो सकती है। डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना वैक्सीन लेने के बावजूद कई लोग संक्रमित हुए हैं लेकिन वे जल्दी ठीक भी हो जाते हैं।

डॉ श्रुति हलारी की स्थिति को देखते हुए पीडी हिंदुजा अस्पताल और एमआरसी के सलाहकार पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ लेंसलॉट पिंटो ने कहा कि यह एक दुर्लभ मामला है और लोगों को इससे चिंतित नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कोरोना के खिलाफ लोगों को किसी भी तरह की लापरहवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी। 

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