उत्तर भारतीयों पर क्यों मेहरबान हैं राजनीतिक पार्टियां
मुंबई में उत्तर भारतीय समाज का वोट हासिल करने के लिए तकरीबन सभी राजनीतिक पार्टियां जोर लगा रही हैं। जानकारों की मानें तो मुंबई में बीएमसी की 227 सीटों में से तकरीबन 120 ऐसी सीटें हैं जहां उत्तर भारतीयों के बल पर बीएमसी चुनाव मे जीत दर्ज की जा सकती है। इसलिए भाजपा और कांग्रेस के अलावा शिवसेना भी मुंबई में उत्तर भारतीय वोटबैंक को साधने की फिराक में हैं। भाजपा ने पहले ही मुंबई के उत्तर भारतीय नेताओं पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, राजहंस सिंह, पूर्व विधायक रमेश सिंह ठाकुर, उदय प्रताप सिंह सहित कई लोगों को पार्टी में शामिल कर बाजी मार ली है।
भाजपा की नकल कर रही है कांग्रेस – आचार्य त्रिपाठी
मुंबई कांग्रेस के उत्तर भारतीय पंचायत शुरू करने की घोषणा को भाजपा नेताओं ने नकल करार दिया है। मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस की पंचायत उत्तर भारतीयों को ठगने का नया तरीका है। यह भाजपा के चौपाल की नकल है। वहीं, भाई जगताप कहते हैं कि कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रहते हुए उन्होंने चौपाल कार्यक्रम की शुरूआत की थी। उसका अच्छा असर हुआ था। हालांकि उस वक्त मीडिया रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई थी कि कांग्रेस की चौपाल से लोग खटिया लेकर ही चल दिए थे।