टीका लेने वाले संक्रमित पांच दिन में हो रहे ठीक
मुंबई में टीका लगवाने के बाद जो कोरोना संक्रमित हो रहे है उनमें से ऐसे बहुत कम मरीज हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। अगर मरीज भर्ती भी हो रहा है तो पांच दिन में उसे अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार मुंबई में लगभग पूरी पात्र आबादी को टीका लगाया जा चुका है, जबकि 89 फीसदी लोगों को कोरोनारोधी टीके की दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। बीएमसी आयुक्त चहल कहते हैं कि जिन्होंने दोनो खुराक ली है उन्हें न तो अस्पताल में भर्ती होने की और न ही ऑक्सीजन बेड की जरूरत पड़ रही है।
दूसरी लहर की तुलना में संक्रमण दर 12 फीसदी अधिक
मुंबई में दूसरी लहर की तुलना में इस बार संक्रमण दर 12 फीसदी अधिक है लेकिन मृत्यु दर काफी कम है, जबकि रोजाना 20 हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। लेकिन टीका लगवाने वाले मरीजों के भर्ती होने का आंकड़ा महज 4 फीसदी है।
मुंबई के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए 35 हजार बेड की व्यवस्था है जिस पर मात्र 5900 मरीज हैं। जबकि 83 फीसदी बेड खाली हैं। आर्गनाइज मेडिसिन अकादमी गिल्ड के महासचिव व संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. ईश्वर गिलाडा कहते हैं कि यद्यपि ओमिक्रॉन स्वरूप दूसरी लहर में कहर मचाने वाले डेल्टा स्वरूप से कम जानलेवा है।
फिर भी यह टीका नहीं लेने वालों के लिए खतरनाक है। इसलिए हर नागरिक को कोरोनारोधी टीका लगवाना बेहद जरूरी है। पहले अंदेशा था कि कोरोना की दूसरी लहर की तरह ही बुजुर्ग मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है लेकिन पिछले 16 दिनों में हर दिन औसतन एक मरीज की मौत हुई है।