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कोरोना और चुनाव: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चुनावी राज्यों को सलाह, रैलियों में लोगों की संख्या कम रखें और शारीरिक दूरी का पालन सुनिश्चित करें

Sat, 08 Jan 2022 07:58 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने के बीच शनिवार को पांच राज्यों के लिए विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम का एलान कर दिया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चुनावी राज्यों को सलाह दी है कि चुनाव सुरक्षित तरीके से संपन्न हों और कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर न हो, इसके लिए नियमों का पालन जरूर सुनिश्चित किया जाए।
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कोरोना से बचने के लिए मास्क लगाए लोग - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से शनिवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा करने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन चुनावी राज्यों से कोरोना महामारी के दौरान कुछ नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने कहा है कि इन राज्यों को सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां हो रही चुनावी रैलियों में लोगों की संख्या सीमित की जाए और शारीरिक दूरी के नियम का पालन किया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में कोरोना महामारी गंभीर स्थिति में है और ऐसे में कोविड से संबंधित दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने से हालात बिगड़ सकते हैं। 

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कोरोना महामारी के मामले बढ़ने के बीच पांच राज्यों में होने हैं चुनाव
देश में कोरोना वायरस और इसके नए व अधिक संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में 10 फरवरी से सात मार्च के बीच सात चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। मतगणना 10 मार्च को की जाएगी। दूसरी लहर में भयावह स्थिति का सामना करने के बाद अब तीसरी लहर की दस्तक से अलर्ट चुनाव आयोग ने पांचों राज्यों की 690 विधानसभा सीटों पर कोविड सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए नए प्रोटोकॉल भी तय किए हैं।  मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने आज प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।

प्रचार के लिए ऑनलाइन माध्यम का ही इस्तेमाल करें राजनीतिक दल
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार उजाला साइग्नल ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के संस्थापक निदेशक डॉ. शुचिन बजाज ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ओर से किसी भी भौतिक अभियान नहीं किया जाना चाहिए। उन्हें केवल ऑनलाइन माध्यम से रैलियों का आयोजन और प्रचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि कोविड संबंधित नियमों का उल्लंघन न हो। जब विवाह कार्यक्रम में केवल 20 लोगों के शामिल होने की सीमा तय की गई है तो चुनाव आयोग को रैलियों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या को भी सीमित करना चाहिए।

वैक्सीन न लगवाने वाले लोगों को न दी जाए मतदान करने की अनुमति
वहीं, इंडियन स्पाइनल इंजुरीज सेंटर के चीफ ऑफ स्ट्रैटेजी सुगंध अहलूवालिया का कहना है कि इस समय सबसे जरूरी बात यह सुनिश्चित करना है कि सभी मतदाता गंभीरता के साथ सभी कोविड नियमों का पालन करें। ऐसे लोगों की मतदान की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जिन्होंने टीके की दोनों खुराकें नहीं लगवाई हैं। सभी मतदान केंद्रों पर शारीरिक दूरी का पालन किया जाए। बिना मास्क के किसी को भी वोट डालने न दिया जाए। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर मतदान होना लोकतंत्र के लिए जरूरी है, लेकिन सभी मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
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देश में तेज रफ्तार से बढ़े हैं कोरोना के मामले, गंभीर हो रहे हैं हालात
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते बुधवार को कहा था कि भारत में इस समय कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बहुत तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि यह तेजी कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को चुनाव समिति के साथ एक बैठक भी की थी, जिसमें कोरोना के वैश्विक और घरेलू असर पर आंकड़े प्रस्तुत किए गए थे। लगभग सभी राज्यों में कोरोना के मामले बीते कुछ दिनों में तेज रफ्तार से बढ़े हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट को देश में दूसरी लहर का कारण बने डेल्टा से कहीं अधिक संक्रामक बताया जा रहा है।
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