कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी पार्वती के आवेदन में इस्तेमाल किए गए व्हाइटनर को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पार्वती ने मैसूर में मुडा (मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण) से सिर्फ वैकल्पिक जमीन मांगी थी और कुछ नहीं। विपक्षी भाजपा और जद (एस) ने व्हाइटनर के इस्तेमाल पर शक जताया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पत्नी ने केवल देवनूर थर्ड स्टेज या मुडा द्वारा बनाए गए किसी अन्य लेआउट में वैकल्पिक जमीन की मांग की थी। वीडियो में देखा जा सकता है कि मोबाइल की टॉर्च से पत्र में उस जगह पर रोशनी डाली गई, जहां पर व्हाइटनर लगाया गया। वहां पर लिखा हुआ था- 'देवनूर थर्ड स्टेज या बाद में बनी किसी और जगह में'।
पत्र में पार्वती की ओर से लिखा गया था, "प्राधिकरण ने मेरी जमीन के लिए मुझे कोई मुआवजा नहीं दिया है। इसलिए, मैं प्राधिकरण से अनुरोध करती हूं कि मुझे 3 एकड़ जितनी जमीन या तो देवनूर थर्ड स्टेज या बाद में बने किसी अन्य लेआउट में दी जाए। अगर यह संभव न हो तो मैं अपनी जमीन वापस करने का अनुरोध करती हूं।" सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा और जद (एस) नेता इस मुद्दे को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपना 'नफरत का चश्मा' हटाने का आग्रह किया और कहा कि हकीकत को सही तरीके से देखना चाहिए।
मुडा द्वारा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में विवाद चल रहा है। इसके चलते कर्नाटक की सियासत में हलचल मची हुई है। भाजपा और जद(एस) ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री की पत्नी के आवेदन में व्हाइटनर का इस्तेमाल किया गया, जबकि मुख्यमंत्री ने इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताया। मुख्यमंत्री ने कर्नाटक हाईकोर्ट में राज्यपाल के उस आदेश को चुनौती दी है और अंतरिम राहत की मांग की है, जिसमें उनके मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई थी। मामले में अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी।