फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajya Sabha: राज्यसभा में गूंजा MSP पर कानूनी गारंटी का मुद्दा, कृषि मंत्री बोले- समाधान पर काम कर रही सरकार

Fri, 26 Jul 2024 05:44 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rajya Sabha: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, हमें किसान विरोधी कहा जा रहा है। मैं कहना चाहूंगा कि हम समाधान पर काम कर रहे हैं। यह सरकार किसानों के लिए प्रतिबद्ध है। हम किसानों के लाभ के लिए लगातार फैसले ले रहे हैं। सरकार गंभीर है और समिति की रिपोर्ट आने के बाद हम उचित कदम उठाएंगे।"
विज्ञापन
राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्यसभा में शुक्रवार को किसानों को एमएसपी पर कानूनी गारंटी का मुद्दा गूंजा। इस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब अपनी बात रख रहे थे, तभी कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने हंगामा किया और सदन की कार्यवाही बाधित की। 

विज्ञापन


प्रश्नकाल के दौरान हंगामा तब शुरू हुआ, जब चौहान ने किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को मजबूत करने पर विचार कर रही समिति के बारे में बात की। लेकिन फसलों के समर्थन मूल्य के लिए कानूनी गारंटी के बारे में बात करते हुए रुक गए। 

कृषि मंत्री की टिप्पणी के बाद रणदीप सुरजेवाला और जयराम रमेश सहित कांग्रेस सांसदों ने यह कहते हुए विरोध किया कि चौहान का जवाब अधूरा है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की और कहा कि मंत्री ने विस्तार से जवाब दिया है और अगर सदस्य संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें जवाब मांगने के लिए उपलब्ध रास्ते का उपयोग करना चाहिए। 
विज्ञापन


धनखड़ ने सदस्यों से बार-बार कार्यवाही को जारी रखने के लिए कहा और सदन को बाधित करने वाले सदस्यों का नाम लेने की चेतावनी भी दी। नियम के मुताबिक, सभापति की ओर से जिस सदस्य का नाम लिया जाता है, उसे शेष दिन के लिए सदन से बाहर जाना होता है। हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी। जिससे कुछ और मिनटों के लिए कार्यवाही बाधित हुई। 
 
'किसानों की सेवा भगवान की पूजा करने जैसा'
इससे पहले, सवालों के जवाब में चौहान ने कहा कि सरकार ने एमएसपी पर एक समिति का गठन किया है और रिपोर्ट पेश होने के बाद सिफारिशों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहूंगा कि किसानों की सेवा करना हमारे लिए भगवान की पूजा करने जैसा है। चौहान ने कहा, प्रधानमंत्री से बड़ा कोई किसान हितैषी नहीं है।" 

'एमएसपी प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए बनाई समिति'
उन्होंने कहा कि एमएसपी प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर सुझाव देने के लिए समिति बनाई गई है। इसके अलावा, समिति को कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को अधिक स्वायत्ता देने की व्यवहारिकता और इसे और अधिक वैज्ञानिक बनाने के तरीकों की जांच करने को कहा गया है। 

'समिति की रिपोर्ट की समीक्षा करेगी सरकार'
इस समिति की बैठकें नियमित रूप से की जा रही हैं। 22 जुलाई 2022 से समिति की छह बार बैठक हो चुकी है। इसके अलावा, विभिन्न उप समितियों की 35 बैठकें भी आयोजित की गई हैं। चौहान ने कहा, "समिति जब भी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, सरकार उसकी समीक्षा करेगी।" इस सवाल पर कि क्या सरकार किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी देना चाहती है या नहीं, मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के लिए कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। 

'सरकार ने एमएसपी दरों में वृद्धि की'
उन्होंने आगे कहा कि किसानों को उचित मूल्य देने के लिए एमएसपी दरों में नियमित रूप से वृद्धि की गई है। किसानों को उचित एमएसपी देने के लिए सरकार की छह सूत्रीय रणनीति है। इसमें कृषि उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन की लागत कम करना, उपज का उचित मूल्य देना, प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान की भरपाई करना, कृषि का विविधीकरण और जैविक खेती शामिल है। 

'हम किसानों के लाभ के लिए लगातार फैसले ले रहे'
चौहान ने कहा, "हमें किसान विरोधी कहा जा रहा है। मैं कहना चाहूंगा कि हम समाधान पर काम कर रहे हैं। यह सरकार किसानों के लिए प्रतिबद्ध है। हम किसानों के लाभ के लिए लगातार फैसले ले रहे हैं। सरकार गंभीर है और समिति की रिपोर्ट आने के बाद हम उचित कदम उठाएंगे।" विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच मंत्री ने कहा, "हमने (रणदीप) सुरजेवाला की सरकार के कार्यकाल की तुलना में दोगुनी एमएसपी दर की है।"  उन्होंने कहा, "मोदी सरकार उत्पादन लागत में 50 फीसदी लाभ जोड़ने के बाद एमएसपी देती है।" 

कांग्रेस ने साधा कृषि मंत्री पर निशाना
वहीं, कांग्रेस ने दावा किया कि कृषि मंत्री चौहान ने एमएसपी पर कानूनी गारंटी के सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। पार्टी ने उनक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मंत्री ने जो कुछ भी किया वह जलेबी बनाने जैसा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री से सीधा सवाल पूछा गया था कि क्या सरकार एमएसपी पर कानूनी गारंटी देगी, जैसाकि किसान संगठन मांग कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा, करीब तीस मिनट तक वह सवाल से बचने के लिए इधर-उधर की बात करने लगे। चावल, गेहूं और अन्य कृषि उत्पादों के लिए एमएसपी पर कानूनी गारंटी का मुद्दा था। मंत्री जो कुछ भी किया वह सिर्फ जलेबी बनाने जैसा था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें