लोकसभा में भारी हंगामे के बीच सांसदों के निलंबन की कार्रवाई जारी है। गुरुवार को लोकसभा से तीन और सांसदों को निलंबित कर दिया गया। इनमें कांग्रेस सांसद नकुलनाथ, डीके सुरेश और दीपक बैज शामिल हैं। तीनों का निलंबन शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। हालांकि, लोकसभा को तय समय से एक दिन पहले यानी गुरुवार को ही अनिश्चितकाल के स्थगित कर दिया गया।
इससे पहले सदन में तख्तियां लहराने और नारे लगाने के आरोप में 143 सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था। इस तरह संसद के दोनो सदनों से निलंबित किए गए सांसदों की संख्या 146 हो गई है। इनमें लोकसभा के 100 और राज्यसभा के 46 सांसद हैं। दरअसल, विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के सांसद 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में हुई चूक की घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहे हैं।
क्या है मामला?
दरअसल, सदन में ‘प्रेस और नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण विधेयक, 2023’ पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दीपक बैज, डीके सुरेश और नकुल नाथ को सदन की अवमानना करने के मामले में निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। इसे सभा ने ध्वनिमत से मंजूर कर लिया। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल के बाद तीनों सांसदों का नाम लेते हुए कहा था कि आप बार-बार सदन की कार्रवाई बाधित कर रहे हैं।
सांसदों ने क्या किया था?
दरअसल, तीनों सांसद जमकर हंगामा कर रहे थे। तख्तियां दिखा रहे थे। नारेबाजी कर रहे थे। वे कागज फाड़कर लोकसभा कर्मियों पर भी फेंक रहे थे। बिरला ने इसे सदन की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कहा कि मैं कभी बिना कारण के किसी सदस्य को निलंबित नहीं करना चाहता। आपको जनता ने चुना है। आपको अधिकार है अपनी बात रखने का। आप लोग अपनी सीट पर जाइए, मैं आपको शून्यकाल में आपकी बात रखने का अवसर दूंगा।