सांसदों ने देश में साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया और इसे मापने के लिए एक 'साइबर चेतना सूचकांक' (साइबर कॉन्शियशनेस इंडेक्स) विकसित करने का आह्वान किया। समिति की बैठक आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य एनडी गुप्ता की मेजबानी में हुई, जिसमें एमईआईटीवाई के सचिव ने साइबर सुरक्षा के मुद्दों और मंत्रालय व उसके तहत आने वाले संगठनों के समक्ष एक प्रेजेंटेशन दिया। बैठक संसद के एनेक्सी भवन में हुई।
प्रेजेंटेशन के दौरान सदस्य सेवाओं की साइबर सुरक्षा बढ़ाने और संसद के नए भवन को सुरक्षित करने के लिए किए जा रहे उपायों को भी सूचीबद्ध किया गया। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी चिंताओं और सवालों को उठाया। वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव और पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि भी नियामक ढांचे और साइबर सुरक्षा और डिजिटल पहचान/डिजिटल भुगतान प्रणाली को लागू करने के लिए उनके द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर अपने विचार रखने के लिए मौजूद थे।
सूत्रों ने कहा कि समिति के सदस्यों ने बैंक के शीर्ष अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि बड़े पैमाने पर जनता की वित्तीय संपत्तियां सुरक्षित रहें। उन्होंने बताया कि सदस्यों ने इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे। सूत्रों ने बताया कि साइबर सुरक्षा में सेंध और धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच समिति निकट भविष्य में निजी बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को बुला सकती है। समिति के सदस्य जल्द ही मुंबई स्थित बैंक मुख्यालय का दौरा करेंगे और इस संबंध में बैंकों द्वारा उठाए गए कदमों की जांच करेंगे।
समिति ने अबतक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के अधिकारियों को बुलाया है और इस मुद्दे पर अपनी चिंताओं को उठाया है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा नए संसद भवन में सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों को भी अधिकारियों द्वारा सूचीबद्ध किया गया और उन्होंने इस मुद्दे पर सदस्यों की चिंताओं का जवाब दिया।