पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रामनवमी पर हुए दंगे के मामले में राणाघाट सांसद जगन्नाथ सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा है। सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हावड़ा दंगों के असर को रोकने के लिए केंद्रीय बलों के हस्तक्षेप की मांग की है। इसके अलावा सांसद ने दंगों के मूल कारणों की जांच एनआईए से कराने की मांग की है।
यह है पूरा मामला
हावड़ा के शिवपुर में रामनवमी जुलूस के दौरान में छतों से दूसरे समुदायों के लोगों ने पथराव किया था, जिससे हिंसा भड़क गई थी। जो शुक्रवार को भी जारी रही। आरोप है कि दोपहर की नमाज के बाद विशेष समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए और रिहायशी इलाकों में घुसकर घरों और दुकानों पर पथराव करने लगे।
इलाके में भारी पुलिस तैनात
पथराव के कारण कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स की टीम बुलाई गई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज भी की। दूसरे दिन भी हुई हिंसा के कारण इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसा के कारण तनाव का माहौल है। इसी मामले को शांत करने के लिए सांसद ने मांग की है कि केंद्रीय बलों को क्षेत्र में उतारा जाए और दंगे की जांच एनआईए से कराई जाए।
सांसद जगन्नाथ सरकार ने लिखा पत्र
सासंद ने पत्र में लिखा कि रामनवमी में हुए दंगों के कारण आम जनता काफी परेशान हुई है। हावड़ा की स्थिति नाजुक है, जो लोकल पुलिस नहीं संभाल पा रही है। काजीपारा इलाके से रामनवमी का जुलूस गुजर रहा था, तभी आसपास की छतों से पथराव शुरू हो गए। पत्थरबाजी के कारण गाड़ियों और आसपास की दुकानों को नुकसान हुआ है। गाड़ियो में आग लगा दी गई। भारी पुलिस बल तैनात की गई, आसूं गैस के गोले भी छोड़े गए।
सांसद ने कहा कि दंगों के लिए पश्चिम बंगाल प्रशासन और सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने सनातन धर्म मानने वालों पर जो रामनवमी का जुलूस निकाल कर रहे थे, उनपर आरोप लगाए हैं। जागरुक नागरिक के तौर पर जनता की मांग के कारण मैं आपसे निवेदन करता हूं कि इलाके में शांति स्थापित करने के लिए केंद्रीय बलों को लगाया जाए। उन्होंने मांग की है कि दंगों के कारणों की जांच एनआईए से करवाई जाए।