दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में बुधवार को अधिकांश मांस की दुकानें खुली रहीं। दुकानदारों ने बताया कि उन्हें दुकान बंद करने के लिए आधिकारिक आदेश नहीं मिला, इसलिए दुकानें खोल रखी हैं।
सोमवार को दक्षिणी और मंगलवार को पूर्वी निगम के महापौर ने नवरात्र के दौरान मांस की दुकानों को बंद करने के बारे में कहा था। वहीं उत्तरी निगम की तरफ से इस मामले में अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
दक्षिणी निगम के महापौर मुकेश सूर्यान ने कहा कि नवरात्र के दौरान दिल्ली में लोग लहसुन और प्याज का सेवन भी नहीं करते। मांस की दुकानों की वजह से पूजा पाठ करने वाले लोगों का मन विचलित होता है।
इसके लिए उन्होंने 11 अप्रैल तक क्षेत्र में मांस की दुकानों को बंद करने के लिए कहा था, इसका दिशा निर्देश जारी करने के लिए उन्होंने निगम आयुक्त को पत्र लिखा था। लेकिन निगम आयुक्त की तरफ से इससे जुड़ा आधिकारिक निर्देश अभी तक नहीं आया है।
दिल्ली मीट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष यूनुस इदरीश कुरैशी ने कहा है कि मांस का कारोबार हमेशा की तरह चल रहा है। कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। दक्षिणी निगम क्षेत्र में करीब 1600 मांस की दुकानें हैं। इन पर नवरात्र में मांस की बिक्री प्रभावित होती है। मौजूदा समय भी बिक्री घटकर 20-25 फीसदी रह गई है।
उन्होंने महापौर के अनुरोध को राजनीति से प्रेरित बताया है। जामिया नगर, जाकिर नगर और आईएनए समेत दक्षिणी दिल्ली के दुकानदारों ने कहा कि अगर आधिकारिक आदेश आएगा, तो वह अपनी दुकानें बंद कर देंगे।
कार्रवाई के डर से दुकान बंद की थी
आईएनए में बॉम्बे फिश शॉप के मालिक संजय कुमार ने कहा कि मंगलवार को कार्रवाई के डर से उन्होंने दुकान बंद की थी। अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, इसलिए हमने दुकानें खोल दी हैं। जामिया नगर में मीट विक्रेता सलाउद्दीन ने बुधवार को भी अपनी दुकानें बंद रखने का फैसला किया।