पाकिस्तान को अमेरिकी हथियारों से भारत को खतरा
पाकिस्तान को अमेरिकी मदद भारत के लिए खतरा है। यही कारण है कि भारत इस मुद्दे को औपचारिक रूप से अमेरिका के समक्ष उठाता रहा है। विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में अमेरिका को आगाह किया गया है कि उसकी इस सैन्य सहायता और आपूर्ति का भारत के खिलाफ दुरुपयोग हो सकता है।संजय राउत के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
राउत ने पूछा था कि क्या अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को जारी सैन्य सहायता और हथियारों की आपूर्ति को लेकर भारत ने औपचारिक रूप से चिंता व्यक्त की है। विदेश राज्य मंत्री ने कहा, सरकार अपने पड़ोस में सभी सैन्य व सुरक्षा-संबंधी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखती है। हमारे साझेदारों के साथ उचित स्तर पर अपनी चिंताओं को नियमित रूप से उठाती है। भारत ने अमेरिका के सामने भी इस संबंध में अपनी चिंताओं को स्पष्ट रूप से रखा है। सरकार पूरी तरह सुनिश्चित करती है कि इन गतिविधियों से भारत की सुरक्षा या क्षेत्रीय स्थिरता से समझौता न हो। राउत ने पूछा था कि क्या अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को जारी सैन्य सहायता और हथियारों की आपूर्ति को लेकर भारत ने औपचारिक रूप से चिंता व्यक्त की है। राउत ने चीन-पाकिस्तान सैन्य सहयोग को रोकने के लिए अमेरिका के साथ रणनीतिक संबंधों का लाभ उठाने के संबंध में सवाल किया था।
राष्ट्रीय हित, संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के मुद्दों पर सरकार की बारीक नजर
सिंह ने दोहराया कि सरकार उन सभी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखती है जिनका भारत के राष्ट्रीय हित पर असर पड़ता है। सरकार अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए समय पर और आवश्यक कदम उठाती है। उन्होंने कहा, भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आतंकवाद विरोधी सहयोग है। भारत और अमेरिका एक मजबूत संस्थागत ढांचा बनाए रखते हैं, जिसमें एक समर्पित आतंकवाद विरोधी संवाद तंत्र शामिल है। इस तंत्र की नियमित बैठकें होती हैं और दोनों पक्ष घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ बारीकी से सहयोग करते हैं।
पीएम के दौरे पर हुआ राणा के प्रत्यर्पण का एलान
विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि 13 फरवरी, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के षड्यंत्रकारियों में से एक तहव्वुर राणा के भारत को प्रत्यर्पण की घोषणा की थी। राणा को 10 अप्रैल, 2025 को सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित किया गया था। यही नहीं 13 फरवरी को जारी भारत-अमेरिका की ओर से जारी साझा बयान में दोनों पक्षों ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल सीमापार आतंकवादी हमलों को शुरू करने के लिए नहीं किया जाएगा।