लॉकडाउन के बाद बंद हुए स्कूल में पढ़ाई कर रहे बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। हालांकि शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट 2020 के मुताबिक रजिस्टर्ड बच्चों में तीन चौथाई बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें उनके परिवार से किसी ना किसी तरह की मदद मिल रही है।
इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया है कि रजिस्टर्ड बच्चों में से 60 फीसदी बच्चे ऐसे परिवार से आते हैं, जिनके पास कम से कम एक स्मार्टफोन तो है। बुधवार को जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि रजिस्टर्ड बच्चों में पिछले दो साल में यह अनुपात 36.5 फीसदी से बढ़कर 61.8 फीसदी हो गया है।
सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों में रजिस्टर्ड छात्रों के परिवारों में प्रतिशत के मामले में एक समान दर से बढ़ोतरी हुई है। इस रिपोर्ट में 52,000 परिवारों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन राज्यों में स्मार्टफोन धारक परिवार वाले बच्चों के अनुपात में 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, उनमें से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा शामिल हैं।
इस रिपोर्ट में 26 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया था। इस दौरान 52,227 परिवार वालों और पांच से 16 साल के आयुवर्ग के 59,251 बच्चों, प्राथमिक स्तर की शिक्षा दे रहे 8,963 सरकारी स्कूलों के अध्यापकों और प्रधानचार्यों से संपर्क किया गया था।