सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद किस तरह लोगों की किस्मत बदल जाती है, इसका अंदाजा बंगलूरू की इस घटना से लगता है। दिन में पांच औषधीय पौधे बेचने वाले 79 वर्षीय रेवन्ना सिदप्पा की सड़क पर पौधे बेचते हुए एक तस्वीर के वायरल होने के बाद आज उनकी बिक्री दोगुना हो गई है।
रेवन्ना सिदप्पा पौधों को सड़क के ऊपर रखकर बेचते थे। जब सड़क पर बैठे और पौधे बेचते हुए सिदप्पा की तस्वीर वायरल हुई, तो कुछ निवासियों ने उन्हें एक मेज, कुर्सी और छाता प्रदान किया। सिदप्पा ने कहा, मैं 79 साल का हूं और मैं कनकपुरा रोड पर सड़क के किनारे औषधीय पौधे बेचता था। किसी ने मुझे देखा और एक तस्वीर ली और इसे हर जगह वायरल कर दिया।
उन्होंने कहा, उसके बाद मुझे लोगों से बहुत मदद मिली। मुझे पौधों को रखने के लिए एक मेज, कुर्सी और एक छाता दिया गया। पहले मैं लगभग पांच पौधे बेचता था लेकिन अब यह संख्या दोगुनी हो गई है।
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सिदप्पा ने आगे बताया कि वह औषधीय पौधे को 20-30 रुपये की लागत से बेचते हैं। उन्होंने कहा, मैं पिछले तीन साल से पौधे बेच रहा हूं। मैं किसी से लोन का पैसा नहीं लेना चाहता। मैं अपने दम पर कमाऊंगा। उन्होंने कहा कि लोन लेते समय यह अच्छा होता है, लेकिन इसे चुकाना एक बड़ा काम होता है।
इससे पहले, दिल्ली के मालवीय नगर में सड़क किनारे फुटपाठ पर अपना छोटा सा ढाबा चलाने वाले 80 वर्षीय बाबा कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी रातों-रात मशहूर हो गए। दरअसल लॉकडाउन के बाद बुजुर्ग दंपती अपने इस ढाबे से गुजारे भर के पैसे भी नहीं निकाल पा रहे थे।
एक फूड ब्लॉगर की 'बाबा का ढाबा' पर नजर पड़ी तो उसने बाबा के ढाबे की एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। वीडियो में बाबा रोते हुए दिख रहे हैं। ब्लॉगर ने लोगों से अपील करी की, वह एक बार बाबा के ढाबे पर खाना खाने जरूर आएं। बस फिर क्या था बाबा रातों-रात मशहूर हो गए।