चीन के नेशनल सेंटर फॉर बायोइन्फार्मेशन ने एक अध्ययन में वायरस के 4300 म्यूटेशन दर्ज किए थे। इन्होंने वुहान में मिले 10 हजार लोगों के सैंपल पर शोध किया था। वहीं, तीन स्ट्रेन ए, बी और सी का पता भी लगाया था, लेकिन भारतीय वैज्ञानिकों को लगता है कि कुछ स्ट्रेन ऐसे भी हैं जिनकी ताकत का पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता। मैड रैक्सीव साइंस जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में भी घातक म्यूटेशन की पुष्टि हुई।
- आगरा के मरीज में नीदरलैंड जैसा स्ट्रेन, जयपुर के मरीज में मिला वायरस भी इसी तरह का
जयपुर में संक्रमित मिले इटली के नागरिकों में चेक गणराज्य, स्कॉटलैंड, फिनलैंड, इंग्लैंड, स्पेन, शंघाई और आयरलैंड में फैले वायरस के बीच काफी समानता मिली। जबकि दिल्ली के मरीज के संपर्क में आए आगरा के मरीजों में मिलने वाले संक्रमण का स्ट्रेन नीदरलैंड, हंगरी, फ्रांस, जर्मनी, ब्राजील और स्विट्जरलैंड जैसा है।
- कुवैत जैसा पांचवां म्यूटेशन मिला
वैज्ञानिकों को आश्चर्य तब हुआ, जब भारतीय मरीज में उन्हें वायरस का पांचवां म्यूटेशन मिला। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा कुवैत के मरीजों में देखने को मिला है। इससे पहले, भारत में दो म्यूटेशन पता चल चुके थे, लेकिन अब तीन और सामने आ चुके हैं।