देश में 11 करोड़ से भी ज्यादा ग्रामीणों ने इलाज के लिए वीडियो तकनीक का सहारा लिया है। सरकार ई-संजीवनी योजना के तहत देशभर के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों पर यह सुविधा दे रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों की संख्या तय लक्ष्य से भी आगे निकल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के बजट में 1.50 लाख स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र स्थापित करने की घोषणा की थी। बीते एक वर्ष में करीब 40 हजार नए केंद्र शुरू हुए हैं, जिसके चलते कुल केंद्रों की संख्या बढ़कर 1,60,037 तक पहुंच गई है। इनमें 7,752 आयुष केंद्र भी शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर कुल 12 तरह की स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीणों को दी जा रही हैं, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य से लेकर दंत चिकित्सा सेवा तक शामिल हैं।
100 करोड़ से ज्यादा को मिला लाभ
आंकड़े बताते हैं कि यहां अब तक 100 करोड़ से ज्यादा लोग इलाज कराने या फिर जांच कराने के लिए पहुंचे हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो एक से अधिक बार स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए यहां आए हैं। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ई-संजीवनी टेली कंसल्टेशन प्लेटफॉर्म के तहत इस साल की शुरुआत तक 9.3 करोड़ से ज्यादा कॉल दर्ज किए गए, जिनकी संख्या अब 11 करोड़ से अधिक पहुंच गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीणों में घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना काफी आसान हुआ है।
90 करोड़ से ज्यादा ने कराई गैर संचारी रोगों की जांच
इन केंद्रों पर गैर संचारी रोग उच्च रक्तचाप, मधुमेह, ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की मुफ्त जांच की जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 90 करोड़ से ज्यादा लोगों ने यहां आकर जांच कराई है। 30 वर्ष से अधिक आयु के 19 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण अपनी निशुल्क मधुमेह जांच करा चुके हैं। वहीं, 28 करोड़ से ज्यादा ने रक्तचाप की निशुल्क जांच करा चुके हैं।
टीबी और कुष्ठ रोग की भी जांच
जानकारी मिली है कि सरकार ने इन स्वास्थ्य केंद्रों पर गैर संचारी रोगों के अलावा अब टीबी और कुष्ठ रोग जैसी पुरानी संचारी बीमारियों की जांच, रोकथाम और नियंत्रण को लेकर भी सेवाएं देना शुरू कर दिया है। इन केंद्रों पर गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन, बुनियादी ओरल हेल्थ देखभाल, सामान्य नेत्र एवं ईएनटी समस्याओं की देखभाल, बुजुर्गों से जुड़ी परेशानियां, आपातकालीन चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य बीमारी की जांच व बुनियादी प्रबंधन को लेकर सेवाएं दी जा रही हैं।