नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते सीएम योगी आदित्यनाथ।
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गाजीपुर जिले में हंसराजपुर से नंदगंज जाने वाली सड़क युसूफपुर चौरा बेसों नदी पर नवनिर्मित श्री टंडा बीर बाबा सेत(पुल) पर 15 फीट नीचे धंस गई है। करीब गड्ढा आठ फीट चौढ़ा हुआ है। इससे करीब 50 गांवों का संपर्क टूट गया है। जिले में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से अलग-अलग स्थानों पर चार लोगों की मौत हो गई।
रायबरेली के सहमीपुर गांव चारपाई पर लेटी डेढ़ साल की श्वेता की दीवार गिरने से मौत हो गई। डलमऊ, जगतपुर व फुरसतगंज में भी एक-एक मौतें हुईं। यहां 250 से अधिक मकान ढह गए। वहीं, सीतापुर के महोली क्षेत्र में कच्ची दीवार ढहने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। यहां 20 से अधिक आशियाने बारिश से ढह गए।
मिर्जापुर-गाजीपुर में चार-चार, आजमगढ़ में तीन, बलिया में दो और मऊ में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पूर्वांचल में बारिश के कहर से तीन दिन में 28 मौतें हो चुकी हैं। पूर्वांचल में भी सैकड़ों घर ढहने के साथ सड़कें बहने की खबर है। जौनपुर में एक दिन में गोमती का जलस्तर पांच फीट बढ़ गया।
पीडीडीयू-पटना रेल रूट के ट्रैक पर भरा पानी, बलिया में पटरी धंसी
चंदौली जिले में पीडीडीयू-पटना रेल रूट पर ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेनों का परिचालन बाधित हो रहा है। ट्रैकों पर पानी भर जाने की वजह से पंडित दीनदयाल उपाध्याय पटना रेल रूट बाधित हो गया। इससे शनिवार को स्थानीय स्टेशन पर कई ट्रेनें घंटों खड़ी रही। वहीं बारिश को देखते हुए पटना रूट की ट्रेनों को गया के रूट से चलाया गया।
वहीं, पटना से चलने वाली चार ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते बुंदेलखंड-कानपुर में तीन महिलाओं समेत 4 की मौत हो गई। पांच दर्जन से अधिक मकान धराशायी हो गए।
कानपुर में शुक्रवार की बारिश ने 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार, 27 सितंबर को तड़के से लेकर देर शाम तक 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस सीजन में एक दिन में इतनी बारिश भी पहली बार हुई है। 27 सितंबर 2018 को मात्र 5.8 मिमी बारिश हुई थी। इससे पहले 2008 तक बारिश नहीं हुई।
उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
शनिवार सुबह से ही देहरादून में रिमझिम बारिश जारी है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भी बादल छाए हुए हैं। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार अभी अक्टूबर के पहले हफ्ते तक यही स्थिति बनी रहेगी। वहीं मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे भी बंद हो गया है।
थल-मुनस्यारी सड़क मार्ग पर पहाड़ी दरकने से रास्ता बंद हो गया है। शुक्रवार को कुछ घंटों तक वाहनों का आवागमन सुचारु रहा। दिन में एक बजे फिर से पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर सड़क पर आ गए। इससे वाहनों का संचालन ठप हो गया। सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। नया बस्ती में लगभग एक सौ मीटर हिस्सा संवेदनशील बना हुआ है। वहीं शनिवार को भी रास्ता अभी बंद ही है।
शनिवार को लामबगड़ में हुए भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया। इस कारण लगभग 3900 तीर्थयात्री जहां-तहां फंस गए हैं। बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में हुए भूस्खलन ने शनिवार को फिर मुश्किल पैदा कर दी है।
दोपहर दो बजे बारिश के दौरान अचानक चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए। मौके पर तैनात पुलिस के जवानों ने हाईवे के दोनों ओर से यात्रा वाहनों की आवाजाही तत्काल रोक दी। इस दौरान बदरीनाथ से लौट रहे 3000 यात्रियों को धाम में ही रोक लिया गया।
हिमाचल के कई क्षेत्रों में शनिवार को झमाझम बारिश और चोटियों पर बर्फबारी हुई। राजधानी शिमला समेत कई क्षेत्रों में बादल जमकर बरसे। भारी बारिश की चेतावनी के बीच शनिवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की कमी दर्ज हुई। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश के कई क्षेत्र पूरी तरह से ठंड की चपेट में आ गए हैं। मैदानी इलाकों में पक चुकी मक्की की फसल को बारिश से काफी नुकसान हुआ है।
रविवार को भी हिमाचल में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चार अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान जताया है। राजधानी शिमला में शनिवार सुबह के समय मौसम साफ रहा। दोपहर बाद शहर में जोरदार बारिश हुई। पर्यटन नगरी डलहौजी, खज्जियार सहित आसपास के क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश हुई। कबायली क्षेत्र भरमौर और पांगी की ऊपरी चोटियों सहित रोहतांग, बारालाचा, कुंजुम दर्रा समेत ऊंची चोटियों में बर्फबारी हुई।
जिला कुल्लू में भी दिन भर बारिश जारी रही। हमीरपुर में भी दोपहर बाद बादल बरसे। मनाली में बारिश होने से सेब का तुड़ान प्रभावित हुआ है। उधर, मौसम खराब रहने के चलते शनिवार को भी दिल्ली-भुंतर, भुंतर-चंडीगढ़ की हवाई उड़ान नहीं हो सकी। हेली टैक्सी योजना के तहत भुंतर-शिमला की उड़ान भी नहीं हो पाई।
शनिवार को ऊना में अधिकतम तापमान 30.4, बिलासपुर में 29.5, हमीरपुर में 29.2, भुंतर में 28.4, सुंदरनगर में 28.1, सोलन में 26.5, कांगड़ा में 26.3, चंबा में 24.9, नाहन में 24.2, कल्पा में 20.0, शिमला में 19.2, केलांग मे 17.5 और डलहौजी मे 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
जम्मू संभाग में शनिवार को मौसम का बदला मिजाज आफत लेकर आया। विजयपुर के राइका लबाड़ा रामगढ़ क्षेत्र में बिजली गिरने से एक महिला तमन्ना देवी (मूल निवासी मध्यप्रदेश) की मौत हो गई। तेज बारिश से कंडी क्षेत्र में तैयार मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है।
त्रिकुटा पहाड़ियों में बारिश और धुंध के चलते कटड़ा-सांझीछत चॉपर सेवा प्रभावित हुई। बारिश से संभाग के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 4-7 डिग्री तक गिर गया है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार रविवार को भी जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार हैं।
जम्मू में शनिवार की शुरुआत हल्के बादलों के साथ हुई। सुबह 10 बजे अचानक काली घटाएं छाने से दिन में ही रात जैसा अंधेरा हो गया। रोशनी के लिए सड़कों पर वाहनों पर लाइट आन करनी पड़ी। इस बीच दो घंटे मूसलाधार बारिश से निचले क्षेत्रों में जलभराव हो गया।
बारिश से दिन में बाजारों में खरीदारों की रौनक कम रही। नवरात्र की खरीदारी के लिए लोग शाम को घरों से बाहर निकले। जम्मू में 16.6 मिलीमीटर बारिश के साथ दिन का तापमान सामान्य से 7.0 डिग्री गिरकर 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि संभाग के विभिन्न जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।