फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कूड़ा जलाने की ड्रोन से हो निगरानी, वायु प्रदूषण से चिंतित एनजीटी ने दिया सुझाव

Wed, 06 Nov 2019 06:33 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने कहा कि हवा की गुणवत्ता केवल एक दिन में ही खराब नहीं हुई है। यह कानून को लागू करने में लगातार अनदेखी का नतीजा है। इसके साथ ही एनजीटी ने कचरा जलाने पर अंकुश लगाने के लिए प्राधिकरणों को ड्रोन का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।

विज्ञापन


एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने वायु प्रदूषण पर मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को सुनवाई की। पीठ ने दिल्ली में कचरा जलाने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा, कानून के कार्यान्वयन में क्या कमी है? लोग खुले में कूड़ा जला रहे हैं, हमने अपनी आंखों से देखा है। इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढना होगा। प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर इसे रोका जा सकता है। कूड़ा जलने से रोकने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। ड्रोन की मदद से आसानी से उन जगहों का पता लगाया जा सकेगा, जहां खुले में कचरा जलाया जाता है।

पीठ ने कहा कि पिछला अनुभव दिखाता है कि अक्तूबर और नवंबर के महीने में हवा की गुणवत्ता की गिरावट हर साल हो रही है। इसका मुख्य कारण पराली जलाना, कूड़ा जलाना, प्लास्टिक जलाना, औद्योगिक प्रदूषण, वाहन प्रदूषण और कंस्ट्रक्शन, मलबे का कचरा और पटाखा जलाना है। ऐसी स्थिति से निपटने को योजनाबद्ध रणनीति बनाना मुश्किल नहीं है। विशेषज्ञों की मदद से एक प्रभावी तंत्र विकसित करना और अतीत की विफलताओं को दूर करने की आवश्यकता है।

अगर कर्मियों की कमी है तो करें भर्ती

एनजीटी ने कहा, कूड़ा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कर्मियों की कमी को लेकर भी नाराजगी जताई। पीठ ने कहा कि राजधानी में इस काम के लिए 5000 स्वच्छता इंस्पेक्टर की तुलना में केवल 50 ही उपलब्ध हैं। अगर निगमों के पास कर्मचारियों की कमी है तो बेरोजगार युवकों और सिविल डिफेंस समूहों की भर्ती करनी चाहिए। उनकी सेवाओं के बदलने उन्हें एक निश्चित रकम का भुगतान करना चाहिए।

पीएम मोदी ने की प्रदूषण के हालात की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली और एनसीआर में वायु की गुणवत्ता गंभीर और बेहद खराब स्थिति में पहुंचने पर समीक्षा की। उन्होंने मंगलवार को इस बाबत एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उत्तर भारत में प्रदूषण के हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी। बैठक में प्रधानमंत्री ने पश्चिम भारत में चक्रवात से उत्पन्न हालात की भी समीक्षा की। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से बिगड़े हालात के बाद प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के शीर्ष अधिकारियों के साथ रविवार और सोमवार को लगातार समीक्षा बैठकें कीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें