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Mohan Yadav: दिल्ली दौरे पर मध्यप्रदेश के सीएम, कहा- राजा भोज और विक्रमादित्य नहीं, अभी मोहन यादव ही ठीक हूं

सार

शुक्रवार शाम राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात की। जहां सीएम यादव ने रेखा गुप्ता को आगामी 12-13 और 14 अप्रैल 2025 को दिल्ली में आयोजित होने वाले सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य में शामिल होने का  निमंत्रण दिया। 
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दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव - फोटो : एक्स@DrMohanYadav51
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को दिल्ली में थे। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत तमाम नेताओं से मुलाकात की। सरल, सहज बेबाक मोहन यादव ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को लेकर प्रेसवार्ता भी की। प्रधानमंत्री के शासन काल को रामराज्य और विक्रमादित्य के समय वाला बताया। इस दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने खुद के बारे में कहा कि वह न तो राजा भोज बनना चाहते हैं और न ही विक्रमादित्य। मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव ही ठीक हैं।
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मुख्यमंत्री से यह सवाल उनकी एक कहानी को लेकर हुआ। यह कहानी भी मुख्यमंत्री ने ही सुनाई। कहानी उन्होंने राजा भोज और महाराज विक्रमादित्य में अंतर बताने के लिए सुनाई। जिसमें सार यह था कि युद्ध में चलने वाले तीरों से बचने के लिए महाराज भोज युद्ध के मैदान में प्रमुख स्थान चुन लेते थे, जबकि महाराज विक्रमादित्य को मृत्यु से डर नहीं लगता था। इसलिए वह महान साबित हुए। मोहन यादव की कहानी जैसे ही खत्म हुई, सवाल आया कि सियासत में तो हर तरफ से तीर चलते हैं? मोहन यादव ने चिरपरिचित मुस्कान के साथ इस सवाल से किनारा कस लिया। अगला सवाल अमर उजाला का था कि राजा भोज या विक्रमादित्य में क्या बनना चाहते हैं? राजनीति के चतुर खिलाड़ी मोहन यादव को सवाल का मर्म भांपते देर न लगी। हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि न वह राजा भोज बनना चाहते हैं और न विक्रमादित्य। वह मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव ही ठीक हैं।

म.प्र. सरकार का ध्यान सुशासन और विकास पर, पीएम का शासन रामराज्य जैसा
दरअसल, यह मौका और दस्तूर दोनों 12, 13 और 14 अप्रैल को दिल्ली में विक्रमादित्य महानाट्य मंचन के प्रस्तावित कार्यक्रम ने उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री इसी के बारे में जानकारी दे रहे थे।  इस दौरान उन्होंने अपने सरकार की खुद पीठ थपथपाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र सरकार सुशासन को ध्यान में रखकर विभागवार कार्यों को वरीयता दे रही है। हम विकास कार्यों को महत्वपूर्ण स्थान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2000 वर्ष पूर्व सम्राट विक्रमादित्य का शासन काल सुशासन के आदर्श के रूप में जाना जाता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन की तुलना सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल से की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशक्त और सक्षम बन रहा है। यही वह रामराज्य है, जो विक्रमादित्य के समय में था।
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दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री का दिल्ली में कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। वह विक्रमादित्य महानाट्य मंचन की जानकारी देने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के सामाजिक प्रभाव पर आयोजित कार्यक्रम में बी हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ कार्यक्रम साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान कृष्ण के समय उपलब्ध तकनीक प्र प्रकाश डाला। शुक्रवार शाम को राजधानी पहुंचे यादव ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।

उन्होंने मुलाकात के बाद सीएम सोशल मीडिया पर लिखा, वरिष्ठ नेताओं से शिष्टाचार मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इसके बाद शनिवार दोपहर को सीएम ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा यादव से भी मुलाकात की। सीएम ने तीनों नेताओं को आगामी 12-13 और 14 अप्रैल 2025 को दिल्ली में आयोजित होने वाले सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य में शामिल होने का  निमंत्रण दिया।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी एक संगोष्ठी में हुए शामिल

शनिवार को सीएम इंडिया हैबिटेट सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी एक संगोष्ठी में शामिल हुए है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा,एआई आज केवल तकनीक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन-प्रशासन जैसे विविध क्षेत्रों में एआई की बहुत संभावना है। जब संपूर्ण विश्व एआई में अपना भविष्य तलाश रहा है तब पीएम मोदी के नेतृत्व में एआई के वैश्विक पावर हाउस के रूप में उभर रहा हैं। निश्चित रूप से यह तकनीकी क्रांति विकसित भारत 2047 के संकल्प की सिद्धि में अहम भूमिका निभाएंगी। 
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एआई में अच्छाई और बुराई दोनों- सीएम यादव
इसके साथ ही सीएम ने कहा कि, जब कंप्यूटर और इंटरनेट आए तो लोगों को डर था कि नौकरियां चली जाएगी। घर बर्बाद हो जाएंगे। हर चीज में अच्छी और बुरी दोनों बातें होती हैं वैसे ही एआई में अच्छाई और बुराई दोनों है। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे कर सकते है। मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि, राजधानी नई दिल्ली में 12,13,14 अप्रैल को विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जाएगा। आने वाले समय में हमारा प्रयास है कि महानगरों में भी इस महानाट्य का आयोजन हो, ताकि लोग सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, उत्कर्ष और पराक्रम से प्रेरणा ले सकें।


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