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मोहाली ब्लास्ट: पंजाब में पाकिस्तान ने दहशत फैलाने का बदला ट्रेंड, लेकिन कर दी यह बड़ी चूक

सार

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आईएसआई ने पंजाब में रिंदा के नेटवर्क का इस्तेमाल दहशत फैलाने और खून खराबा करने के लिए शुरू कर दिया। रिंदा के नेटवर्क से जुड़े हुए लोग कश्मीर की तरह पेशेवर आतंकवादी तो नहीं हैं, लेकिन वह गैंगस्टर से जुड़ी हुई तमाम वारदातें पंजाब में करते रहते हैं...
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मोहाली ब्लास्ट: हरविंदर सिंह रिंदा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पाकिस्तान ने पंजाब में दहशत फैलाने के लिए ऐसी फील्डिंग सजाई है, जो कश्मीर में फैलाए जा रहे आतंकवाद से पूरी तरीके से अलग है। लेकिन पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के आका पंजाब में फैलाने वाली दहशत के इस 'बदले हुए ट्रेंड' में इतनी बड़ी चूक कर गए, जिसे न सिर्फ पंजाब पुलिस बल्कि देश की बड़ी सुरक्षा एजेंसियों ने चुटकियों में पकड़ लिया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पंजाब में फैलाई जाने वाली दहशत के पाकिस्तानी मंसूबों को अगले कुछ दिनों में पूरी तरीके से नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों और पंजाब पुलिस के पास पंजाब में पाकिस्तानी नेटवर्क की हर कड़ी को न सिर्फ पकड़ने बल्कि उसे पूरी तरीके से तोड़ने का मजबूत बंदोबस्त हो चुका है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मोहाली में हुए खुफिया विभाग के मुख्यालय पर हमले के संदिग्धों को पकड़ कर पाकिस्तान के पूरे नेटवर्क को अगले कुछ दिनों में डिकोड कर देगी।

पाकिस्तान अब लगा रहा अपराधियों पर दांव

पंजाब पुलिस से जुड़े रहे वरिष्ठ आईपीएस और इस वक्त केंद्र की एक प्रमुख खुफिया एजेंसी से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि पाकिस्तान ने पंजाब में दहशत का माहौल पैदा करने के लिए अपना जो ट्रेंड बदला है उसमें उसने पेशेवर आतंकवादियों की जगह पर स्थानीय क्रिमिनल और गैंगस्टर्स को इस्तेमाल करना शुरू किया है। वह कहते हैं कि कभी पंजाब में भावनाओं के सहारे बब्बर खालसा जैसे बड़े आतंकियों के मुखिया को आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान और आईएसआई इस्तेमाल किया करती थी। लेकिन बदलते वक्त और धीरे-धीरे पूरी तरीके से सामान्य हो रहे पंजाब के हालात में पाकिस्तान में खालिस्तान की आवाज बुलंद करने वाले आतंकियों की बजाए स्थानीय अपराधियों को अपना मोहरा बनाना शुरू कर दिया है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने पंजाब में दहशत फैलाने के लिए ड्रग पैडलर्स और गैंगस्टर को नशा, हथियार और पैसा देना शुरू किया। नतीजा हुआ कि पूरे पंजाब में जो गैंगस्टर और स्थानीय क्रिमिनल्स थे, वह अपने आका के इशारे पर बड़ी वारदात करने को तैयार होने लगे।

रिंदा को चुनना पाकिस्तान की बड़ी चूक

खुफिया एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इसी कड़ी में पाकिस्तान ने पंजाब के एक गैंगस्टर हरविंदर सिंह रिंदा पर बड़ा दांव लगाया। खुफिया सूत्रों के मुताबिक तकरीबन ढाई साल पहले रिंदा भारत से भागकर पाकिस्तान में छिप गया। जहां से वह नशे के कारोबार और हथियारों के जखीरे को पंजाब में अपने नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई करने की कोशिश करने लगा। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आईएसआई ने पंजाब में रिंदा के नेटवर्क का इस्तेमाल दहशत फैलाने और खून खराबा करने के लिए शुरू कर दिया। सूत्रों का कहना है कि रिंदा के नेटवर्क से जुड़े हुए लोग कश्मीर की तरह पेशेवर आतंकवादी तो नहीं हैं, लेकिन वह गैंगस्टर से जुड़ी हुई तमाम वारदातें पंजाब में करते रहते हैं। खुफिया एजेंसियों से सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के लिए यही सबसे बड़ी चूक साबित हुई कि उसने रिंदा जैसे गैंगस्टर को पंजाब में आतंक फैलाने के लिए चुना। क्योंकि पुलिस के पास रिंदा और उससे जुड़े क्रिमिनल्स का पूरा खाका तैयार है। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि इसलिए पाकिस्तान के इस मंसूबे को पंजाब में तो बिल्कुल पनपने नहीं दिया जाएगा। पंजाब पुलिस गैंगस्टर पर की जाने वाली कार्रवाई उसी तेजी से करेगी जैसा कि उसने कुछ समय पहले योजना बनाई है।

पाकिस्तान देता था वित्तीय मदद

पंजाब पुलिस के एक रिटायर्ड वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कहते हैं कि करीब चार दशक पहले पाकिस्तान पंजाब में इमोशंस के साथ बड़े आतंकियों को माहौल बिगाड़ने के लिए न सिर्फ पैसे देता था, बल्कि उनका इस्तेमाल भी बखूबी करता था। उस दौर में पंजाब के कई जिलों की कमान संभालने वाले उक्त पुलिस अधिकारी कहते हैं कि बब्बर खालसा और दूसरे आतंकी संगठनों से जुड़े हुए लोगों को पाकिस्तान वित्तीय मदद करता था। आतंकवाद के समय पंजाब में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि पाकिस्तान ने लंबे समय तक ऐसे संगठनों पर दांव लगाया, लेकिन बीच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को इस बात की भनक लग गई कि जितना पैसा इन आतंकी संगठनों को पंजाब में माहौल बिगाड़ने के लिए दिया जाता है वह पूरा इस्तेमाल नहीं होता है। हालांकि इसके पीछे पंजाब में बदलते हुए खुशनुमा माहौल और सक्रिय सुरक्षा एजेंसियों की चौकस निगाहें थीं। इसी वजह से ऐसे तमाम आतंकी संगठनों के फन को वक्त से पहले ही कुचल दिया जाता था। सूत्रों का कहना है कि अब पिछले कुछ समय के दौरान पाकिस्तान ने पंजाब में बदले हुए ट्रेंड से आतंक फैलाने की अपनी कोशिशें करनी शुरू कर दी हैं।

मोहाली हमले में शामिल अपराधियों का जल्द होगा खुलासा

मोहाली में हुई घटना के अलावा बीते कुछ समय में पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हुई बड़ी घटनाओं को एक सिलसिलेवार तरीके से जोड़ते हुए देश की प्रमुख सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां लगातार पंजाब के पनप रहे इस नेटवर्क को तोड़ने में लगी हुई हैं। खुफिया एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मोहाली में हुई घटना को अगले कुछ दिनों के भीतर पूरी तरीके से खोल दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पंजाब पुलिस के पास और जांच करने वाले केंद्रीय एजेंसियों के पास पुख्ता प्रमाण मिल चुके हैं कि इस घटना को किस संगठन ने अंजाम दिया है और कौन-कौन से स्थानीय अपराधी इस घटना से जुड़े हुए हैं।

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सूत्रों का कहना है कि मोहाली में हुई घटना इस लिहाज से भी बड़ी है क्योंकि दहशत फैलाने वालों के निशाने पर पंजाब पुलिस के अधिकारियों समेत कई अन्य लोग भी थे। इसके अलावा यह सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में फैलाई जानी थी। सूत्रों का कहना है कि इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि करनाल में बरामद किए गए हथियारों का जखीरा रिंडा के कहने पर ही पाकिस्तान से पंजाब भेजा गया और फिर हरियाणा के रास्ते देश की राजधानी दिल्ली समेत देश के अलग-अलग इलाकों में भेज कर पाकिस्तान स्थानीय क्रिमिनल और अलग-अलग राज्यों के गैंगस्टर्स के माध्यम से अपने मंसूबे पूरे करना चाहता था। सुरक्षा एजेंसी और पंजाब पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान के दहशत फैलाने वाले इस नए ट्रेंड को एक्सपोज कर दिया गया है।

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