नई पीढ़ी को आजादी का महत्व समझाने और देश पर मर मिटने वालों को याद करने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में देशभक्ति का अलख जगाने का फैसला किया है। दरअसल, भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘70 साल आजादी- याद करो कुर्बानी’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 15 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक चलाया जाएगा।
इसमें सरकार के सभी मंत्री और भाजपा के नेता तथा सांसद तिरंगा यात्रा के तहत देश की गलियों की खाक छानेंगे और नई पीढ़ी को आजादी से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराएंगे।
इस कार्यक्रम के तहत 9 अगस्त से 23 अगस्त तक प्रधानमंत्री सहित सरकार के सभी मंत्री देश के अलग-अलग स्थानों पर दो कार्यक्रम आयोजित करेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि आजादी के मूल्यों, महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहना चाहिए।
नायडू ने यह भी कहा कि वह अन्य दलों और राज्य सरकारों से भी कार्यक्रम में शरीक होने का अनुरोध करेंगे। उन्होंने कहा, ‘इसका उद्देश्य जनता में देशभक्ति की भावना जागृत करना है ताकि आजादी की लड़ाई लड़ने वाले हमारे नेताओं के बलिदानों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके और उनकी बहादुरी को याद किया जा सके।’
काकोरी की घटना, जालियांवाला बाग कांड, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थानों का दौरा करेंगे और नेताओं के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
नायडू ने बताया कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों के कार्यक्रम के लिए उन 75 जगहों को चिह्नित किया गया है जिसका आजादी के संदर्भ में ऐतिहासिक महत्व रहा है।
ऐसे ही जगहों पर प्रधानमंत्री और मंत्री अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इस दौरान जब नायडू से पूछा गया कि क्या दलित-मुस्लिम उत्पीडन पर सियासी मोर्चे पर घिरी सरकार इससे बाहर आने के लिए राष्ट्रवाद का सहारा ले रही है, तो नायडू ने कहा कि राष्ट्रवाद की बात करना कोई पाप नहीं है।