केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी योजनाओं के प्रचार के लिए बीते 2 साल में 600 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इन योजनाओं में स्वच्छ भारत,स्किल इंडिया और मुद्रा सरीखी योजनाएं शामिल हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत विज्ञापन एवं दृश्य प्रचार निदेशालय ने 2014-2015 में 256 करोड़ खर्च किए हं और 2015-16 में 250 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सरकार ने सबसे ज्यादा खर्च स्वच्छ भारत अभियान पर किया है जिसकी कुल राशि 505 करोड़ रुपए हैं। इसे बाद सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर 62.4 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
डीएवीपी ने इन योजनाओं के साथ-साथ मेक इन इंडिया,स्किल इंडिया, पीएम फसल बीमा योजना, मुद्रा और इंद्रधनुष सरीखी योजनाओं पर खर्च किया है।