आमेर का किला, हवा महल का दौरा करेंगे मैक्रों
मैक्रों राजस्थान की राजधानी से अपनी दो दिवसीय दौरा शुरू करेंगे। जहां वह गुलाबी शहर के शानदार पहाड़ी किले आमेर और प्रतिष्ठित हवा महल आदि का दौरा करेंगे। इसके बाद 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब दोनों पक्षों के शीर्ष वार्ताकार छब्बीस राफेल-एम लड़ाकू विमानों और फ्रांस में डिजाइन की गई तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद के लिए रक्षा सौदों को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं।
मैक्रों को निमंत्रण पर फ्रांस ने क्या कहा
बताया जा रहा है कि विमानों और पनडुब्बियों की लागत और विभिन्न अन्य तकनीकी पहलुओं सहित बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। फ्रांस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, राष्ट्रीय दिवस समारोह के लिए निमंत्रण मिलना अभूतपूर्व है। यह भारत और फ्रांस के संबंधों को मजबूत करने वाले गहरे आपसी भरोसे और अटूट दोस्ती को दिखाता है। पीएम मोदी पिछले साल जुलाई में पेरिस में बैस्टिल डे परेड में विशिष्ट अतिथि थे।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति के साथ होगा प्रतिनिधिमंडल
बयान में कहा गया, राष्ट्रपति मैक्रों के दौरे से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को बल मिलेगा। जिसको लेकर दोनों नेताओं ने 14 जुलाई को पेरिस में 'होरिजोन 2047 रोडमैप' के जरिए फैसला लिया था। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एक मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा। जिसमें कई गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। अपनी रणनीतिक साझेदारी के पच्चीस साल के बाद दोनों देश अगले 25 वर्षों के लिए नए लक्ष्यों पर आगे बढ़ रहे हैं।
दोनों देशों ने सहयोग को आगे बढ़ाया
बयान में कहा गया है कि फ्रांस और भारत ने रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करने के मकसद से भरोसे पर आधारित सहयोग को बढ़ाया है। जो आधुनिक हथियारों और प्रौद्योगिकियों सहित रक्षा क्षेत्र में सहयोग से जाहिर होता है। इसमें कहा गया है कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले साझेदार हैं।