फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुनवाई: यूट्यूबर कार्ल रॉक पर प्रतिबंध को केंद्र ने सही ठहराया, कहा- वीजा नियमों के उल्लंघन में हुई कार्रवाई

Fri, 16 Jul 2021 04:15 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने कहा कि कार्ल रॉक (कार्ल एडवर्ड राइस) को वीजा नियमों का उल्लंघन करने की वजह से काली सूची में डाला गया। केंद्र सरकार ने कहा कि वह अपने जीवनसाथी के वीजा पर कारोबार कर रहे थे।
विज्ञापन
कार्ल रॉक - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

न्यूजीलैंड के यूट्यूब ब्लॉगर कार्ल रॉक पर प्रतिबंध के मामले में आज (16 जुलाई) दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि कार्ल रॉक (कार्ल एडवर्ड राइस) को वीजा नियमों का उल्लंघन करने की वजह से काली सूची में डाला गया। केंद्र सरकार ने कहा कि वह अपने जीवनसाथी के वीजा पर कारोबार कर रहे थे।

विज्ञापन


केंद्र सरकार ने रखा अपना पक्ष
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ के समक्ष केंद्र का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अनुराग आहलूवालिया ने कहा, 'उन्हें वीजा नियमों का उल्लंघन करने की वजह से काली सूची में डाला गया। हमें वर्तमान रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति दी जाए। वह अपने जीवनसाथी के वीजा पर कारोबार कर रहे थे।'

ब्लॉगर की पत्नी ने दायर की थी याचिका
बता दें कि अदालत ब्लॉगर की पत्नी मनीषा मलिक की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में उन्होंने अपने पति को वीजा देने से इनकार करने के केंद्र के फैसले को चुनौती दी। साथ ही, इस फैसले को 'मनमाना और अतार्किक' करार दिया। अदालत ने कहा कि वीजा देना केंद्र का विशेषाधिकार है, लेकिन यह तार्किक होना चाहिए। वहीं, संबंधित पक्ष को इससे अवगत कराया जाना चाहिए।
विज्ञापन


अदालत ने जारी किया नोटिस
केंद्र को नोटिस जारी करते हुए अदालत ने कहा, 'आप इसे न्यायोचित ठहरा सकते हैं, लेकिन उन्हें भी जानकारी होनी चाहिए। वीजा जारी करना सरकार का विशेषाधिकार है लेकिन वह न्यायोचित होना चाहिए।' अदालत ने केंद्र को तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति पल्ली ने कहा कि अगर कोई गोपनीय सूचना है तो केंद्र सीलबंद लिफाफे में अदालत को इससे अवगत कराने के लिए स्वतंत्र है।

पीड़ित के वकील ने दी यह जानकारी
मलिक के वकील फुजैल अहमद अय्यूबी ने अदालत को सूचित किया कि उनके मुवक्किल को सरकार की ओर से वीजा रद्द करने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं, पिछले साल अक्टूबर में भारत से जाने के बाद उनके वीजा पर बिना किसी प्रतिकूल टिप्पणी के 'रद्द' की मुहर लगा दी गई। अय्यूबी ने मुवक्किल की ओर से बताया, 'मैंने वीजा अवधि बढ़ाने के लिए कहा, लेकिन इसके बजाय मुझे निकास पत्र दे दिया गया।' इस मामले में अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी। मलिक की याचिका के मुताबिक, उनके पति कार्ल एडवर्ड राइस भारत के विभिन्न हिस्सों में जाते हैं और यहां की खूबसूरती को कैमरे में कैद करते हैं। इससे देश के पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने बताया कि दोनों ने 2019 में शादी की। इसके बाद से वह दिल्ली में रहते हैं। राइस पिछले साल 10 अक्टूबर से ही न्यूजीलैंड से भारत नहीं आ पा रहे हैं। याचिका में कहा गया, 'याचिकाकर्ता के पति कार्ल एडवर्ड राइस के पास न्यूजीलैंड और नीदरलैंड की दोहरी नागरिकता है। वह 2013 से ही भारत आ रहे हैं। साथ ही, देश के कानून और वीजा शर्तों का कड़ाई से अनुपालन करते हैं।'

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें