दुनिया की सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था के बीच भारत ने अपने मूलभूत क्षेत्रों में भारी निवेश कर अर्थव्यवस्था की गति बरकरार रखने में सफलता पाई थी। इसका मुख्य इंजन सड़क निर्माण बना था और इसके शिल्पकार नितिन गडकरी थे। यही कारण है कि मोदी 3.0 सरकार में यह जिम्मेदारी एक बार फिर नितिन गडकरी को दी गई है। वे 2014 से ही यह मंत्रालय संभाल रहे हैं। पूर्वी दिल्ली से पहली बार जीतकर आए हर्ष मल्होत्रा और अजय टम्टा को उनके सहयोगी राज्य मंत्रियों के रूप में काम करने का अवसर मिलेगा।
निर्मला सीतारमण मोदी सरकार की उन मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्हें लेकर अब तक कोई विवाद सामने नहीं आया है। देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक बार फिर उन्हें सबसे महत्त्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक वित्त मंत्रालय दिया गया है। राजनाथ सिंह एक बार फिर रक्षा मंत्रालय का काम संभालेंगे।
सबसे बड़ी नई जिम्मेदारी मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दी गई है। उन्हें कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री पद से हटाते समय ही उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा थी। उन्हें भाजपा के अगले अध्यक्ष तक के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन फिलहाल उन्हें कृषि मंत्रालय की अहम जिम्मेदा्री दी गई है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद मनोहर लाल खट्टर को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा चल रही थी। उन्हें ऊर्जा के महत्त्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वे शहरी विकास मंत्रालय भी संभालेंगे।