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Mizoram: म्यांमार से तस्करी कर सुपारी लेकर जा रहे छह वाहनों को भीड़ ने किया आग के हवाले, जांच में जुटी पुलिस

Sun, 11 Dec 2022 11:02 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल

सार

एक महीने पहले ममित जिले की हछेक विधानसभा में रहने वाले सुपारी किसानों ने म्यामांर से सुपारी की तस्करी करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। किसानों ने यह चेतावनी भी दी थी कि भविष्य में अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेगा।
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विस्तार
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मिजोरम में म्यांमार से सुपारी की तस्करी के मामले अकसर सामने आते रहते हैं। मिजोरम में ममित जिले में सुपारी से जुड़े किसान तस्करी को लेकर अकसर शिकायत भी करते हैं। इसके बावजूद पड़ोसी देश से सुपारी की तस्करी रुक नहीं रही है। ताजा मामला भी सुपारी की तस्करी से जुड़ा हुआ है। मिजोरम के ममित जिले में कथित तौर पर भीड़ द्वारा म्यांमार से सुपारी ले जा रहे छह वाहनों को आग के हवाले करने का मामला सामने आया है। ममित जिले के पुलिस अधीक्षक लालथंगपुई पुलमटे ने इसके बारे में जानकारी दी। गौरतलब है कि मिजोरम और म्यांमार की सीमाएं आपस में जुड़ी हुई हैं।  जिसके कारण यहां तस्करी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। 

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ममित जिले के पुलिस अधीक्षक लालथंगपुई पुलमटे ने बताया कि यह घटना शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-108 पर ज़मुआंग और ज़वलनुआम गांवों के पास हुई। जब सुपारी से लदे ये वाहन वहां से गुजर रहे थे तभी लगभग 50 लोगों ने वाहनों को रोका और सुपारी के साथ ही वाहनों में आग लगा दी।

उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में कान्हमुन पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में पता चला है कि वाहन मिजोरम-त्रिपुरा सीमा पर कान्हमुन की ओर जा रहे थे। मामले में जांच जारी है। इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। अब तक किसी ने भी इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। 
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गौरतलब है कि यह घटना तब हुई है जब लगभग एक महीने पहले ममित जिले की हछेक विधानसभा में रहने वाले सुपारी किसानों ने म्यामांर से सुपारी की तस्करी करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।  किसानों ने यह चेतावनी भी दी थी कि भविष्य में अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेगा। इतना ही नहीं, हछेक विधानसभा के सुपारी किसानों ने अक्तूबर में प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार से भी मांग की थी कि स्थानीय रूप से उगाई जाने वाली सुपारी ही असम में निर्यात की जाए। सुपारी किसानों की सोसाइटी के महासचिव लालरेमरूता खियांग्ते ने कहा कि हचेक इलाके के लोग निराश हैं क्योंकि तस्करी कर लाई जाने वाली म्यांमार की सुपारी उनके बाजारों को प्रभावित करती हैं। 

गौरतलब है कि मिजोरम और म्यांमार की सीमाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। इतना ही नहीं, सीमा के मिजो गांवों में रहने वाले लोग और म्यांमार से आने वाले ज्यादातर शरणार्थियों के बीच जनजातीय संबंध भी हैं। यह भी सामने आया है कि म्यामांर के सीमावर्ती गांवो के लोग मिजोरम में अवैध रूप से जमीनें भी खऱीद रहे हैं। 

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