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गड़बड़ाया गणित: हर माह बन रही 8.5 करोड़ वैक्सीन, पर मई के पहले तीन हफ्ते में आवंटन 3.6 करोड़ का

Tue, 25 May 2021 12:32 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट में दायर शपथपत्र में केंद्र ने कहा है कि देश में हर माह करीब 8.5 करोड़ वैक्सीन बन रही है। लेकिन देश में जारी टीकाकरण के लिए मई के पहले तीन हफ्ते में 3.6 करोड़ वैक्सीन ही दी गई। ऐसे में बची वैक्सीन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। 
 
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कोवैक्सिन और कोविशील्ड - फोटो : PTI/twitter@seruminstitute
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विस्तार
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सरकार द्वारा देश में बन रही वैक्सीन का हिसाब सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है। इसमें  बताया गया है कि देश में हर माह करीब 8.5 करोड़ वैक्सीन के डोज बन रहे हैं। मई के शुरुआती तीन हफ्तों में टीकाकरण के लिए राज्यों को 3.6 करोड़ वैक्सीन दी गई है। पूरे माह का आंकड़ा इसी आधार पर जोड़े तो यह करीब पांच करोड़ होगा। ऐसे में सवाल लाजिमी है कि बची करीब 3.5 करोड़ वैक्सीन की खुराक कहां जा रही हैं और देश में किल्लत क्यों हो रही है? 

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20 करोड़ लोगों को टीके लगे
ताजा आंकड़ों के अनुसार मंगलवार सुबह तक देश में करीब 20 करोड़ लोगों को टीके लग चुके हैं। वहीं देश में 41 दिनों बाद बीते 24 घंटे में कोविड-19 के दो लाख से कम दैनिक मामले सामने आए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे में 1,96,427 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,69,48,874 हो गई।

इससे पहले 14 अप्रैल को एक दिन में संक्रमण के 1,84,372 नए मामले सामने आए थे।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में 3,511 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,07,231 हो गई। देश में 21 दिन बाद मौत के इतने कम मामले सामने आए हैं।
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 हर दिन तैयार हो रहे  27 लाख डोज
देश में वैक्सीन की कमी के कारण कई राज्यों ने 18 प्लस आयु के लोगों का टीकाकरण रोक दिया है। लेकिन यह किल्लत क्यों हो रही है, यह समझ नहीं आ रहा है। सरकार और वैक्सीन निर्माताओं के आंकड़ों के अनुसार हर दिन 27 लाख डोज तैयार हो रहे हैं, लेकिन देशवासियों को टीके इससे कम ही लगाए जा रहे हैं। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार मई के शुरुआती तीन हफ्तों में औसतन 16.2 लाख डोज राज्यों को दी गई। 

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी
केंद्र सरकार ने इस माह के आरंभ में सुप्रीम कोर्ट को शपथ पत्र देकर कहा था कि सीरम इंस्टीट्यूट हर माह 6.5 करोड़ कोविशील्ड बना रही है, जबकि भारत बायोटेक हर महीन 2 करोड़ कोवाक्सिन के डोज बना रही है। यदि दोनों प्रमुख टीका निर्माता कंपनियों के आंकड़े जोड़ें जाएं तो हर माह 8.5 करोड़ खुराक का उत्पादन हो रहा है। इस  तरह एक दिन का औसत उत्पादन करीब 27 लाख डोज होगा। कोवाक्सिन का उत्पादन जुलाई के आखिर तक 2 करोड़ से बढ़ाकर 5.5 करोड़ तक कर दिया जाएगा। इसी तरह स्पूतनिक की 30 लाख डोज हर माह बन रही है और जुलाई अंत तक इसका प्रोडक्शन भी 1.2 करोड़ तक पहुंच जाएगा।

22 मई तक 3.6 करोड़ वैक्सीन दी गईं
सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो 22 मई तक कोविशील्ड-कोवाक्सिन की 3.6 करोड़ से कम ही डोज देश में दी गई हैं। इसी गति से टीकाकरण चला तो महीना पूरा होते-होते कुल पांच करोड़ खुराक देश में दी जाएंगी। 

घट रहे टीकाकरण के आंकड़े
उधर, बीते सात दिनों में टीकाकरण के आंकड़े देखें तो ये 16.2 लाख खुराक प्रतिदिन से घटकर 13 लाख से नीचे आ गए हैं। यदि इस पूरे माह में पांच करोड़ डोज भी दे दिए गए तो भी सवाल उठता है कि जब 8.5 करोड़ डोज बन रहे हैं तो किल्लत क्यों हो रही है। क्या वैक्सीन का बड़े पैमाने पर निर्यात किया जा रहा है या यूएन के कोवैक्स कार्यक्रम के तहत इन्हें मदद के तौर पर दूसरे देशों के लिए दिया जा रहा है।

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