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पर्यटन को बढ़ावा: रूरल और मेडिकल टूरिज्म पर फोकस करेगी सरकार, जल्द ही देशभर मे लागू करने की तैयारी

Mon, 05 Jul 2021 02:31 PM IST
Harendra Chaudhary आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टूरिज्म को आगे बढ़ाने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने 'नेशनल स्ट्रेटजी ड्राफ्ट' तैयार किया है। इस ड्राफ्ट के मुताबिक लोगों को 'मेडिकल वैल्यू ट्रैवल' (एमवीटी) के लिहाज से अपने देश में पर्यटन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा...
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रूरल टूरिज्म - फोटो : for reference only
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कोरोना की मार के चलते डूब रहे पर्यटन उद्योग को अलग-अलग बूस्टर से नई डोज देने की तैयारी है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'मेडिकल एंड वैलनेस टूरिज्म' तथा 'रूरल टूरिज्म' का पूरा ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए इस ड्राफ्ट में लोगों की भी भागीदारी रही है। मंत्रालय के मुताबिक आने वाले दिनों में इसे लागू कर देश के पर्यटन उद्योग को एक नई दिशा दी जाएगी।

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दरअसल कोरोना के चलते पूरे देश में पर्यटन उद्योग तकरीबन ठप सा हो गया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक पूरे देश में मेडिकल एंड वैलनेस टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है पूरी दुनिया में इस वक्त अलग-अलग बीमारियों के इलाज के लिए न सिर्फ लंबी वेटिंग है, बल्कि बहुत महंगा इलाज भी हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारे देश में पूरी दुनिया के मुकाबले न सिर्फ सस्ता इलाज मिलता है बल्कि बेहतरीन डॉक्टर द्वारा कम वक्त में इलाज भी किया जा रहा है। अभी बहुत ही बड़े स्तर पर पूरी दुनिया के लोग यहां पर इलाज कराने के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस टूरिज्म को आगे बढ़ाने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने 'नेशनल स्ट्रेटजी ड्राफ्ट' तैयार किया है। इस ड्राफ्ट के मुताबिक लोगों को 'मेडिकल वैल्यू ट्रैवल' (एमवीटी) के लिहाज से अपने देश में पर्यटन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

पर्यटन मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट में योगा और वैलनेस सेंटर के माध्यम से किए जाने वाले भारतीय पुरातन चिकित्सा व्यवस्था का भी समावेश है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से लगातार इस विधा को न सिर्फ प्रमोट किया जा रहा है बल्कि देश दुनिया में इसे प्रचारित और प्रसारित भी किया जा रहा है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक आयुष मंत्रालय के इन प्रयासों का असर मेडिकल और वैलनेस टूरिज्म के तौर पर भी बेहतर रूप से दिखेगा।

मेडिकल और वैलनेस टूरिज्म के अलावा पर्यटन मंत्रालय ने देश में रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी नए स्तर पर प्रयास शुरू किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक देश के बहुत सारे राज्यों में अभी भी सालभर ग्रामीण पर्यटन होता रहता है, लेकिन कोरोना काल में यह बहुत हद तक कम हो गया। अब रूरल टूरिज्म के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इसे बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने अपने तैयार किए गए ड्राफ्ट में रूरल टूरिज्म को आगे बढ़ाने के लिए पूरी योजना तैयार की है।
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अधिकारियों के मुताबिक वोकल फॉर लोकल जैसी व्यवस्थाएं ग्रामीण स्तर पर पर्यटन को न सिर्फ आगे ले जाएंगी बल्कि आर्थिक तौर पर भी मजबूती प्रदान करेंगी। रूरल टूरिज्म के लिए तैयार किए गए नेशनल ड्राफ्ट में न सिर्फ नॉर्थ ईस्ट के गांव बल्कि देश के उन राज्यों के अनछुए गांव और उनकी कहानियों के बारे में भी पूरी ड्राफ्टिंग की है। जिसको केंद्रीय मंत्रालय अपनी वेबसाइट के माध्यम से पूरी दुनिया में लोगों को अपने देश में आने का न्योता देगा।
 
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आम लोगों से भी राय ली है। 30 जून तक देश के लाखों लोगों ने अपने फीडबैक के माध्यम से रूरल टूरिज्म और मेडिकल एंड वैलनेस टूरिज्म को आगे ले जाने के लिए तमाम सुझाव भी दिए हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक लोगों को दिए गए सुझाव के आधार पर ही नेशनल ड्राफ्ट तैयार किया, जिससे अब मंदी की मार सह रहे इस उद्योग को नई रफ्तार मिल सकेगी।
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