रेल मंत्रालय अपने खारिज हो चुके बड़े प्रस्तावों को पुनर्विचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेजेगा। पिछले महीने पीएम ने रेल मंत्रालय के तीन बड़े प्रस्तावों को खारिज कर दिया था। इनमें रेलवे के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 78 हजार करोड़ की अनुमानित लागत से सिग्नल प्रणाली का आधुनिकीकरण और मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को पहले संग्रहालय सह स्टेशन के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव शामिल था।
सूत्रों के मुताबिक, रेलवे विद्युतीकरण परियोजना समय से चल रही है। इसका बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। अब प्रधानमंत्री को समझाने की कोशिश की जाएगी कि इस परियोजना पर आगे बढ़ा जा सकता है।
मंत्रालय ने फैसला किया है कि बाकी बचे 30 हजार किमी बड़ी लाइन के विद्युतीकरण के जरिये 2020 तक इस परियोजना को 100 प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। इससे ईंधन पर हर साल खर्च होने वाले 10,500 करोड़ रुपये की बचत होगी। वहीं, सिग्नल प्रणाली के आधुनिकीकरण से आवागमन की रफ्तार बढ़ेगी और दुर्घटनाएं घटेंगी। प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को ज्यादा लागत के कारण खारिज कर दिया था।