आतंकी मुश्ताक अहमद जरगर(बाएं) और मसूद अजहर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अलउमर-मुजाहिदीन के संस्थापक और मुख्य कमांडर मुश्ताक अहमद जरगर को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत आतंकवादी के रूप में नामित किया है। जरगर 1999 के इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट हाईजैक में रिहा किए गए आतंकवादियों में से एक था।
कंधार प्लेन हाईजैक के दौरान किया गया था रिहा
52 वर्षीय आतंकी जरगर साल 1999 में अफगानिस्तान के कंधार में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान 814 के 150 से अधिक बंधकों के बदले रिहा किए गए आतंकवादियों में से एक था। ऐसा माना जाता है कि जरगर अवैध हथियार और गोला-बारूद का प्रशिक्षण लेने के लिए पाकिस्तान गया था।
इस आधार पर गृह मंत्रालय ने आतंकी घोषित किया
टीओआई की एक रिपोर्ट में गृह मंत्रालय का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि जरगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान से अभियान चला रहा है। गृह मंत्रालय ने कहा कि हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, आतंकवादी हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने और आतंकी फंडिंग सहित कई आतंकी अपराधों में भी उसकी प्रमुख भूमिका थी।