पूरी कश्मीर घाटी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसकी वजह है एजेंसियों को मिली खुफिया जानकारी। जिसके अनुसार आतंकी रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं। माना जा रहा है कि रमजान के 17वें दिन यानी 23 मई को यह हमले किए जा सकते हैं।
यह अलर्ट इसलिए जारी किया गया है कि क्योंकि पहले भी आतंकियों ने रमजान के 17वें दिन को हमलों के लिए चुना है। दरअसल, इसी दिन बदर की जंग या जंग-ए-बदर लड़ी गई थी। अतीत में इस दिन को आतंकी घाटी में स्थित सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए चुन चुके हैं। बता दें कि बदर-ए-जंग को पैंगबर मोहम्मद ने अपने विरोधियों के खिलाफ लड़ा था।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हालांकि ऐसा कोई विशेष इनपुट नहीं है कि किसी विशेष सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाया जा सकता है, लेकिन सामान्य अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारी ने कहा, 'पुराने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए यह एक सामान्य अलर्ट हो सकता है।'
इससे पहले पिछले महीने रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि जैश-ए-मोहम्मद जिसने पुलवामा में हुए आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली थी, वह इसी जिले में सुरक्षाबलों पर हमले करने की योजना बना रहा है। पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।
पुलवामा हमले का जवाब देते हुए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों को निशाना बनाया था। एयर स्ट्राइक के बाद घाटी में संभावित आतंकी हमलों को लेकर चेतावनी दी गई है।
शुक्रवार को जानकारी मिली है कि जम्मू कश्मीर में स्थित भारतीय वायुसेना के दो एयरबेस पर आतंकी हमले हो सकते हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि ऐसी खुफिया जानकारी मिली है कि आतंकी श्रीनगर और अवंतीपुरा के एयर बेस पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। इस चेतावनी के बाद इन बेसों और आस-पास के बेसों पर सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।