तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण आम जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश के कारण भारतीय वायुसेना बचाव अभियान चला रही है। एमआई-17 वी5 और एएलएच-ध्रुव की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारतीय वायुसेना राहत सामग्री पहुंचा रही है।
12 अलग-अलग जगहों पर ...
भारतीय वायुसेना के दक्षिणी वायु कमान के अनुसार, एमआई-17 वी5 और एएलएच-ध्रुव ने बारिश से तबाह थूथकुडी जिले में 12 अलग-अलग स्थानों पर 11 टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई। बता दें, अब तक प्रभावित इलाकों में 59 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचाई जा चुकी है। इससे पहले राज्य के सीएम एमके स्टालिन कह चुके है कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
ओवरफ्लो हुआ बांध
थामिराबरानी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण थूथुकुडी जिले में श्रीवैकुंठम स्टेप बांध ओवरफ्लो हो गया है। पानी की ऊंची-ऊंची लहर उठ रही है।
तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में राहत कार्य जारी है जबकि पुलिस के साथ एनडीआरएफ की एक टीम ने शनिवार को एसआईपीसीओटी (SIPCOT) औद्योगिक क्षेत्र में फंसे लोगों को बचाया। टीम ने एसआईपीसीओटी पुलिस के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित महिलाओं और बच्चों को नाव से बचाया और उन्हें भोजन उपलब्ध कराया।
वहीं, तमिलनाडु के मुख्य सचिव शिव दास मीणा ने आज जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और बारिश के कारण हुए नुकसान का आकलन किया। सबसे ज्यादा प्रभावित अंतोनियारपुरम इलाके में राहत कार्य जोरों पर है।
गौरतलब है, थूथुकुडी-पलायमगोट्टई राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंतोनियारपुरम के पास एक पुल 17 और 18 दिसंबर को अत्यधिक बारिश के दौरान टूट गया था, जिससे बाढ़ आ गई थी। वहीं, भारी बारिश के कारण थूथुकुडी-तिरुचेंदूर रोड पर एरल और अत्तूर में पुल भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
फिलहाल, श्रीवैकुंठम, अत्तूर, एरल, अगरम और कायलपट्टिनम इलाकों में भी मरम्मत का काम जारी है। एक केंद्रीय टीम पहले ही जिले में बाढ़ से हुए नुकसान का निरीक्षण कर चुकी है।
696 गर्भवतियों को बचाया
गौरतलब है, दक्षिणी तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मौजूदा हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने अबतक 696 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों में स्थानांतरित किया है। जिला कलेक्टर के अनुसार, ज्यादा से ज्यादा 142 गर्भवती महिलाओं को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया और पिछले दो दिनों में उनमें से कुछ ने बच्चों को भी जन्म दिया है। हालांकि, दक्षिणी जिले में बाढ़ के कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र से टीम तिरुनेलवेली पहुंची है।