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CAA: भारतीय नागरिकता चाहने वालों के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च, अब मोबाइल एप लाने की तैयारी

Tue, 12 Mar 2024 01:59 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नागरिकता संशोधन विधेयक 11 दिसंबर, 2019 को संसद द्वारा पारित किया गया था। एक दिन बाद ही इस विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति मिल गई थी। अब भारतीय नागरिकता पाने वालों के लिए पोर्टल लॉन्च किया है।
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गृह मंत्रालय - फोटो : फाइल
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विस्तार
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भारत में लोकसभा चुनाव से पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के नियम लागू हो गए हैं। इसी को लेकर गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक वेब पोर्टल जारी किया है, जिसमें गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, बहुत जल्द एक मोबाइल एप 'सीएए-2019' लॉन्च किया जाएगा। 

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यह है सीएए
नागरिकता संशोधन विधेयक 11 दिसंबर, 2019 को संसद द्वारा पारित किया गया था। एक दिन बाद ही इस विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति मिल गई थी। सीएए के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों से संबंधित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता लेने में आसानी होगी। ऐसे अल्पसंख्यक, 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश कर चुके हों।

पोर्टल की यह है लिंक
गृह मंत्रालय ने यह पोर्टल https:/indiancitizenshiponline.nic.in. लॉन्च किया है। बता दें, गृह मंत्रालय द्वारा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए-2019), जिसे अब नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 कहा जाता है, के तहत नियमों को अधिसूचित करने के तुरंत बाद पोर्टल सोमवार रात को उपलब्ध कराया गया है। 
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यह हैं नियम

  • गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पर जिला स्तर की कमेटी विचार करेगी। तस्वीरों के साथ सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जाने हैं। 
  • सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पृष्ठभूमि की जांच के बाद आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी। चूंकि सीएए छह समुदायों के लोगों के लिए है, ऐसे में इन लोगों को नागरिकता प्राप्त करने के लिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। 
  • आवेदकों को स्थानीय रूप से प्रतिष्ठित सामुदायिक संस्थान द्वारा जारी पात्रता प्रमाण पत्र भी पेश करना होगा। जिसमें साफ लिखा हो कि वह हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय से है और उपर्युक्त समुदाय का सदस्य बना रहेगा।
  • गृह मंत्रालय के अनुसार आवेदन देने पर उसकी पावती अपने आप जेनरेट होगी।
  • जिला स्तरीय कमेटी आवेदन के साथ दिए गए दस्तावेजों का परीक्षण करेगी।
  • आवेदन के साथ निर्धारित प्रारूप में दिए गए शपथपत्र की जांच के बाद जिला स्तरीय कमेटी का निर्धारित अधिकारी उसपर अपने हस्ताक्षर के साथ उसे एम्पावर्ड कमेटी को ऑनलाइन मोड में ही अग्रसारित करेगा।
  • यदि किसी आवेदक को जिला कमेटी के सामने शपथ पत्र देने के लिए बुलाया जाता है और बार-बार बुलावे के बावजूद वह पेश होने में विफल रहता है तो जिला स्तरीय अधिकारी आवेदन रद्द करने की सिफारिश कर सकता है।
  • एम्पावर्ड कमेटी में पांच सदस्य केंद्र सरकार की ओर से जबकि एक राज्य की ओर से होने की बात कही गई है।

सीएए की धारा 6बी के तहत कौन दे सकता है आवेदन

  • संबंधित व्यक्ति को भारतीय मूल का होना चाहिए
  • भारतीय नागरिक से शादी किया होना चाहिए
  • आवेदक किसी भारतीय नागरिक की नाबालिग संतान हो
  • एक शख्स, जिसके अभिभावक भारत के नागरिक हों
  • एक व्यक्ति, जिसके माता-पिता में से कोई एक स्वतंत्र भारत का नागरिक था
  • आवेदक ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्डधारक हो
  • नागरिकता चाहने वाला शख्स– एक वयस्क जो पांच साल के लिए भारत के विदेशी नागरिक के रूप में पंजीकृत है, और जो एक वर्ष से भारत में रह रहा है।

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
नए नियमों के तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले को दो विशेष दस्तावेज देने होंगे। इसमें पहला तो आवेदक के चरित्र को प्रमाणित करने वाला हलफनामा और दूसरा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भारतीय भाषाओं में किसी एक की अच्छी जानकारी होने का घोषणा पत्र।

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