बीएसएफ के पास संसाधनों का अभाव रहेगा तो मुश्किलें भी आएंगी
पश्चिम बंगाल में बॉर्डर पर रोजाना ही बीएसएफ द्वारा नशीला पदार्थ और दूसरी वस्तुएं पकड़ी जाती हैं। गायों की बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। सीमा पार यानी बांग्लादेश में उनका बाजार लगता है। देश के कई हिस्सों से पशुओं को ट्रकों में भरकर बंगाल की सीमा तक लाया जाता है। उसके बाद उन्हें बांग्लादेश की सीमा में धकेलने का प्रयास होता है। सवाल ये है कि गायों से भरे ट्रक बीच में दर्जनों चेक पोस्टों पर किसी को नजर नहीं आते। न तो आरटीओ और न ही स्थानीय पुलिस उन्हें पकड़ पाती है। बीएसएफ के पूर्व आईजी विकास चंद्रा कहते हैं, ये बात सही है कि वहां यह सब हो रहा है। अब बीएसएफ को 50 किलोमीटर के क्षेत्र में जब्ती, चेकिंग या गिरफ्तारी करने का अधिकार मिल गया है। बल को जो काम बॉर्डर पर करना पड़ता था, वह अब दूर जाकर हो सकेगा। जैसे बीएसएफ को यह मालूम हो गया कि फलां पोस्ट पर गैर-कानूनी सामान आ रहा है, जवान उसका इंतजार करते थे। अब उस जगह पर ही छापा मारा जा सकेगा, जहां से वह माल ट्रक में लादा जाता है। अगर वह जगह पचास किलोमीटर के दायरे में है। संसाधन तो उपलब्ध कराने होंगे। बीएसएफ को गाड़ियां, जवान और संचार के साधन चाहिएं। इंटेल सिस्टम मजबूत करना होगा। स्थानीय पुलिस के साथ टकराव नहीं, बल्कि सहयोग ही रहेगा।
कांग्रेस की चुनी हुई सरकार के अधिकारों पर हमला: रणदीप
भाजपा अपने खत्म हुए राजनीतिक अस्तित्व को तलाशने के लिए कांग्रेस की चुनी हुई सरकार के अधिकारों पर हमला बोल रही है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ड्रग्स तो गुजरात में भी पकड़े जाते हैं। 9 जून, 2021 को 25,000 किलो हेरोइन, ड्रग्स अडानी पोर्ट से आते हैं, पकड़े भी नहीं जाते, जो इस समय देश के युवाओं को नशे में धकेल रहे हैं। 13 सितंबर को 3,000 किलो, 21,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी जाती हैं, वो भी अडानी पोर्ट गुजरात में जब्त हुए हैं। वहां तो लिमिट 80 किलोमीटर थी, तो 80 किलोमीटर की लिमिट में ड्रग्स क्यों नहीं पकड़ पाए। ड्रग्स आए गुजरात में और आप अधिकार छीन रहे हैं पंजाब के। 73 साल से ये 15 किलोमीटर की लिमिट चल रही है। 73 साल में तो कुछ गलत हुआ नहीं, तो आज क्या हो गया। केवल कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को कुरेदना, कुचलना, संविधान को खत्म करना और भाजपा के खोए हुए अस्तित्व को दोबारा से हासिल करना ही इस नई व्यवस्था का मकसद है। सुरजेवाला ने कहा, मोदी सरकार ने एक बार फिर देश के संघीय ढांचे पर हमला किया है। देश में चुनी हुई सरकारों के अधिकारों को खत्म करने का घिनौना प्रयास किया है।