हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम के कारण एक बार फिर परेशानी आने वाली है। प्रदेश में तीन दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में भारी बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिन तक राज्य का मौसम खराब रह सकता है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार दोपहर बाद बुलेटिन जारी किया है। इसमें साफ बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश में 12 अप्रैल से 18 अप्रैल तक मौसम खराब होने का अनुमान है। 13 से 15 अप्रैल तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इसके लिए राज्य सरकार को भी अलर्ट रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। 16, 17 और 18 अप्रैल को भी तेज बारिश के आसार नजर आ रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की भी आशंका है। प्रदेश में 40-50 किमी की रफ्तार से तूफान आ सकता है।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई है। गुरुवार को चंबा, भरमौर, डलहौजी, कसोल, मनाली, कल्पा, रामपुर, सांगला और मंडी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला का कहना है कि स्थानीय वजह से मौसम में बदलाव नहीं हो रहा है। बल्कि, हवाओं और मौसम की वैश्विक प्रणाली में ही बदलाव देखने को मिल रहे है। जलवायु परिवर्तन इसका एक मुख्य कारण है, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है।
जम्मू कश्मीर में बदल सकता है मौसम
जम्मू कश्मीर में भी मौसम बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 12 अप्रैल को कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। लेकिन 13 और 14 अप्रैल को कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं। अमर उजाला से चर्चा में मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने कहा कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा 13, 14 और 15 को कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। 15 के बाद मौसम सामान्य होने की पूरी उम्मीद है।
अभी देश में बना है ये सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के रूप में अपनी धुरी के साथ, जो समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है, लगभग 76 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ 26 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में चल रहा है। इसके अलावा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के इलाकों पर बना हुआ है। बिहार और इससे जुड़े इलाकों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मराठवाड़ा और इससे सटे महाराष्ट्र पर है।