तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने बुधवार को मेघालय की नेशनल पीपुल्स पार्टी पर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसने 2018 के चुनावी खर्च को दर्ज नहीं किया। इसके उजागर के लिए उन्होंने मेघालय उच्च न्यायालय का रूख किया और सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। मेघालय में भाजपा की सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार है।
साथ ही उन्होंने नियम का पालन नहीं करने को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग द्वारा दी गई अवधि के भीतर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ अपने चुनाव व्यय रिपोर्ट दर्ज करने की आवश्यकता होती है। लेकिन इसका पालन नहीं हुआ।
मेघालय उच्च न्यायालय में दायर याचिका में यह दावा किया
बता दें कि 2018 में मेघालय विधानसभा के चुनावों की घोषणा 31 जनवरी को हुई थी। मतदान 27 फरवरी को हुआ था, वोटों की गिनती तीन मार्च को हुई थी। एनपीपी ने भाजपा सहित कई दलों के समर्थन से सरकार बनाई थी। साकेत ने याचिका में दावा किया कि चुनाव व्यय रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 मई, 2018 थी और एनपीपी ने आज तक इसे दाखिल नहीं किया है, हालांकि चुनाव आयोग ने उस वर्ष पार्टी को दो नोटिस जारी किए थे।
गुजरात पुलिस द्वारा दो बार गिरफ्तार करने पर चर्चा में आए साकेत
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ममता बनर्जी के करीबी साकेत गोखले को गुजरात पुलिस द्वारा एक ही दिन में दो बार गिरफ्तार करने पर चर्चा में आए थे। गोखले पर मोरबी हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी के बारे में गलत खबर फैलाने का आरोप लगा था। अक्तूबर में मोरबी शहर में ब्रिज के टूटने के कारण कुल 135 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें 55 बच्चे भी शामिल थे। इस दुर्घटना में 100 लोग अकेले मोरबी जिले के रहने वाले थे। इस हादसे के बाद पीएम मोदी हादसे वाली जगह पर पहुंचे थे।