मेघालय के डिप्टी सीएम प्रेस्टोन टाइनसॉन्ग(फाइल)
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मेघालय के उपमुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी के उपाध्यक्ष प्रेस्टोन टायन्सॉन्ग ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर राज्य में इनर लाइन परमिट (ILP) को लागू करने और खासी और गारो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांगों को नजरअंदाज किया है।
प्रेस्टोन टायन्सॉन्ग ने कहा कि जिस तरह से मेघालय के लोगों से जुड़े मुद्दों पर भाजपा ने राजनीति खेली उससे वह दुखी हैं और उम्मीद करते हैं कि मतदाता भाजपा को दंडित करेंगे। भाजपा संविधान की आठवीं अनुसूची में खासी और गारो को शामिल नहीं करने के लिए जिम्मेदार है और यह राज्य में आईएलपी को लागू नहीं करने के लिए भी जिम्मेदार है। वे इस संबंध में मेघालय विधानसभा में पारित प्रस्तावों पर कोई ध्यान देने में विफल रहे जबकि पार्टी राज्य सरकार का भी हिस्सा थी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह चुनाव हारेगी।
मेघालय विधानसभा ने दो मुद्दों पर प्रस्ताव पारित कर केंद्र से उन पर गौर करने का आग्रह किया था। 60 सदस्यीय सदन के लिए चुनाव 27 फरवरी को होगा और मतगणना दो मार्च को होगी। टाइनसॉन्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने पहले कई मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था और उनसे दोनों मांगों पर विचार करने का आग्रह किया था।
हालांकि, उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। ब्रिटिश युग ILP एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है जो एक व्यक्ति को एक निश्चित अवधि के लिए संरक्षित क्षेत्र की यात्रा करने की अनुमति देता है।