सरकार की रणनीति इन 27 जिलों की घेराबंदी करने की है। इन जिलों में लॉकडाउन का बेहद सख्ती से पालन कराने के साथ ही कोरोना जांच की रफ्तार भी बढ़ाई जाएगी। सरकार की योजना तीन मई के बाद इन जिलों में संक्रमितों की संख्या को हर हाल में बढ़ने से रोकने की है। सरकार को उम्मीद है कि मई के पहले हफ्ते के बाद देश में कोरोना मरीजों की संख्या स्थिर होने के संकेत मिलने लगेंगे।
अहमदाबाद-मुंबई की सर्वाधिक चिंता
सरकार गुजरात के तीन जिलों अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा और महाराष्ट्र के तीन जिलों मुंबई, पुणे और ठाणे को लेकर बेहद चिंतित है। यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने की रफ्तार खतरनाक स्तर पर है। सरकार की योजना इन जिलों को पूरी तरह सील कर पूरे जिले को लगातार सैनिटाइज करने, स्वास्थ्य सुविधाएं युद्ध स्तर पर बढ़ाने और कोरोना जांच व्यापक स्तर कराने की है।
सरकार के सूत्रों का मानना है कि अहमदाबाद में अगर तीन-चार दिन में हालात नहीं संभले तो कोरोना के कहर को रोकना मुश्किल हो जाएगा। सरकार की परेशानी की बड़ी वजह का दूसरा कारण यह है कि ये सभी शहर आर्थिक गतिविधियों को बहाल करने की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।