पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' समिति की दूसरी बैठक बैठक संपन्न हुई। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे। बैठक दिल्ली के जोधपुर हॉस्टल में हुई।
जानकारी के मुताबिक, विधि आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी ने कुछ सदस्यों के साथ देश में एक साथ चुनाव कराने के रोडमैप पर चर्चा के लिए उच्चस्तरीय समिति से मुलाकात की। पैनल ने देश में एक साथ चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं? इस पर विचार के लिए विधि आयोग को आमंत्रित किया था।
जानकारी के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता वाले पैनल का नाम बदलकर एक राष्ट्र-एक चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति कर दिया गया है। इसका गठन दो सितंबर को किया गया था। समित को यह भी बताया गया कि एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए एक वेबसाइट www.onoe.gov.in तैयार की गई है। इस पर सुझाव दिए जा सकते हैं। बैठक के दौरान इस वेबसाइट की शुरुआत की गई।
राजनीतिक दलों के विचार जानने के लिए प्रक्रिया शुरू
उच्च-स्तरीय समिति ने हाल में अपनी पहली बैठक में राजनीतिक दलों के विचार जानने का फैसला किया था। समिति ने अब इन दलों को देश में एक साथ दीर्घकालिक चुनाव कराने पर उनके विचार जानने के लिए पत्र लिखा है।
विधि आयोग ने शुरू की यह तैयारी
- विधि आयोग कार्यकाल को बढ़ाकर या घटाकर सभी विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने के फॉर्मूले पर काम कर रहा है, ताकि ये चुनाव 2029 के लोकसभा चुनावों के साथ ही कराए जा सकें।
- आयोग लोकसभा, विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के लिए एक आम मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र भी तैयार कर रहा है, ताकि लागत और जनशक्ति के उपयोग को कम किया जा सके।
- 2029 से राज्य और लोकसभा दोनों चुनाव एक साथ कराने को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विधानसभा चुनावों को एकसाथ कराने के लिए आयोग विधानसभाओं के कार्यकाल को कम करने या बढ़ाने का सुझाव दे सकता है।
- यह सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र तैयार किया जा रहा है कि एक बार लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो जाएं, तो मतदाता दोनों चुनावों के लिए मतदान करने के लिए केवल एक बार मतदान केंद्र पर जाएं।