सपा अध्यक्ष दोनों पार्टियों के बीच अब पुरानी प्रतिस्पर्धा नहीं देखते क्योंकि सभी बाधाओं को पार कर दोनों गठबंधन करने में कामयाब रहें। उन्होंने कहा कि हम दोनों दशकों तक साथ लड़े मगर अब हम एकजुट हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए मैंने कार्यकर्ताओं को भी कहा है कि मायावती का अपमान मेरा अपमान होगा। उन्होंने जातिवाद के आधार पर इस गठबंधन के होने की बात को सिरे से नकार दिया और कहा कि हम लोगों के विकास के लिए, पिछड़ों के लिए और नफरत के वातावरण के खिलाफ एकजुट हुए है।
कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला पार्टी के कार्यकर्त्ता करेंगे। पहले अखिलेश ने कहा था कि कन्नौज सांसद और उनकी पत्नी डिंपल यादव चुनाव नहीं लड़ेंगी और यह परिवारवाद के खात्मे का उदाहरण होगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा राजनीति से परिवारवाद मिटाएगी तो हम भी ऐसा करेंगे।