राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच अगस्त को फिजी, न्यूजीलैंड और तिमोर-लेस्ते की छह दिवसीय यात्रा पर जा रही हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्टा के निमंत्रण पर 10 अगस्त को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ तिमोर-लेस्ते का दौरा करेंगी।
भारत जल्द ही तिमोर-लेस्ते देश के साथ अपने संबंधों की मजबूत करने की राह पर चल पड़ा है। विदेश मंत्रालय ने तिमोर-लेस्ते में भारतीय दूतावास खोलने की घोषणा की है। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि दूतावास खुलने के बाद भारत की राजधानी दिल्ली और तिमोर लेस्ते की राजधानी डिलि के बीच समन्वय और संबंध मजबूत होंगे।
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दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच अगस्त को फिजी, न्यूजीलैंड और तिमोर-लेस्ते की छह दिवसीय यात्रा पर जा रही हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्टा के निमंत्रण पर 10 अगस्त को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ तिमोर-लेस्ते का दौरा करेंगी।
इस बीच विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने कहा कि हमने तिमोर-लेस्ते के साथ संबंध मजबूत करने की राह पर बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल सितंबर में यहां मिशन शुरू करने घोषणा की थी। यहां हम दूतावास स्थापित करने जा रहे हैं। यह काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। भारत का फिजी, न्यूजीलैंड और तिमोर-लेस्ते के साथ मजबूत, गहरा और ऐतिहासिक जुड़ाव है। पिछले कुल सालों में भारत-न्यूजीलैंड के बीच मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंधों में वृद्धि देखी गई है। राष्ट्रपति की यात्रा से इसे और गति मिलेगी।
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विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि तिमोर-लेस्ते ने भी नई दिल्ली में अपना दूतावास खोलने का फैसला लिया है। दिल्ली-डिलि का कनेक्शन दूतावास खुलने के बाद और मजबूत होगा।
वियतनाम के साथ रक्षा सहयोग पर हुए हैं हस्ताक्षर
गुरुवार को भारत ने वियतनाम के साथ रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने कहा कि भारत और वियतनाम ने रक्षा उद्योग सहयोग के लिए एक कार्यान्वयन व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए हैं। हमारे पास वियतनाम के लिए रक्षा आपूर्ति के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण भी है, जो उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं द्वारा निर्देशित है। वियतनाम के प्रधानमंत्री ने रक्षा उत्पादन में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर भी चर्चा की।