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PoK Protest: 'पीओके में जो हुआ, वह पाकिस्तान की लूट नीति का नतीजा'; भारत ने कहा- लोगों का प्रतिरोध स्वाभाविक

Fri, 17 May 2024 07:21 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दो दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। इस महीने की शुरुआत में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत पीओके पर अपना दावा कभी नहीं छोड़ेगा।
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पीओके की स्थिति पर भारत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में महंगाई को लेकर इन दिनों हिंसा जारी है। भारत भी लगातार वहां की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी पीओके के वर्तमान हालात पर प्रतिक्रिया दी है। भारत ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा पीओके से संसाधनों की प्रणालीगत लूट की निरंतर नीति का स्वाभाविक परिणाम है। इसके साथ ही भारत ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न अंग थे हैं और रहेंगे। 

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि हमने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन की रिपोर्ट देखी है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि यह इन क्षेत्रों से संसाधनों की प्रणालीगत लूट की पाकिस्तान की निरंतर नीति का एक स्वाभाविक परिणाम है जो उसके जबरन और अवैध कब्जे में है। उन्होंने कहा कि ऐसी शोषणकारी नीतियां स्थानीय लोगों को उनके अपने संसाधनों पर अधिकार और उसके लाभों से वंचित करती हैं। ऐसे में लोगों का प्रतिरोध करना स्वाभाविक है।

पीओके और भारत वाले जेएंडके की कोई तुलना नहीं
आगे बोलते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके में रहने वाले एक व्यक्ति की तुलना जम्मू-कश्मीर में रहने वाले किसी व्यक्ति से नहीं की जा सकती है। भारत वाले जम्मू-कश्मीर के लोग आज वास्तव में प्रगति कर रहे हैं, जबकि पीओके वाले हिस्से में स्थिति बदतर हो चुकी है। 
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राजनाथ से लेकर जयशंकर तक दे चुके हैं प्रतिक्रिया 
बता दें कि दो दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। इस महीने की शुरुआत में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत पीओके पर अपना दावा कभी नहीं छोड़ेगा। उसे बलपूर्वक इस पर कब्जा नहीं करना होगा, क्योंकि कश्मीर में विकास को देखने के बाद वहां के लोग खुद ही भारत का हिस्सा बनना चाहेंगे।

विभिन्न मांगों को लेकर पीओके में भड़की थी हिंसा
गौरतलब है कि पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बीते दिनों पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आटे के बढ़ते दामों, बढ़ती महंगाई, महंगी बिजली के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए थे। जिसके चलते पीओके में धरने प्रदर्शन के दौरान जमकर बवाल हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तान ने सेना और पुलिस को उतार दिया और पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस की फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे लोग और भड़क गए। आखिरकार पाकिस्तान सरकार को झुकना पड़ा और 23 अरब पाकिस्तानी रुपये की आर्थिक मदद का तुरंत एलान करना पड़ा। फिलहाल विरोध प्रदर्शन शांत है, लेकिन छिटपुट हिंसा की घटनाएं अभी भी हो रही हैं।

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