कतर में नेवी के आठ पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा के मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हमने हमने उनके परिवारों की ओर से एक अपील दायर की थी। इसके अलावा, बंदियों की भी एक अपील है। तबसे इसमें दो सुनवाई हो चुकी हैं। हम मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और सभी कानूनी और कांसुलर सहायता प्रदान की जा रही है। इस बीच, हमारे राजदूत ने तीन दिसंबर को जेल में उन सभी 8 लोगों से मिले थे। यह एक संवेदनशील मुद्दा है। इस मामले में हम जो कुछ भी हम कर सकते हैं, हम करेंगे।
पन्नू की धमकी के मामले में दिया ये जवाब
साथ ही, सिख फॉर जस्टिस (SFJ) प्रमुख पन्नू की संसद पर हमला करने की धमकी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम इन धमकियों को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं उन चरमपंथियों की खोज के लिए बहुत अधिक विश्वसनीयता नहीं बढ़ाना चाहता, इससे धमकी देने वालों को बहुत कवरेज मिलती है। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से देश की संसद पर हमला करने की धमकी का मामला अमेरिका और कनाडाई अधिकारियों के समक्ष उठाया है। आतंकवादियों की प्रवृत्ति होती है कि वे किसी मुद्दे पर मीडिया कवरेज चाहते हैं। एयर इंडिया को धमकी पर उन्होंने कहा कि हम ऐसी किसी भी धमकी की निंदा करते हैं। हमारी सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगी। गौरतलब है कि पन्नू राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से घोषित आतंकी है। उसने हाल में जारी एक वीडियो में 13 दिसंबर या उससे पहले संसद पर हमला करने की धमकी दी है। पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा दोनों की दोहरी नागरिकता है।
भारत में काम करते रहेंगे अफगानी दूतावास
वहीं, अफगान दूतावास के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि नई दिल्ली में अफगान दूतावास और मुंबई और हैदराबाद में वाणिज्य दूतावास काम कर रहे हैं। आप झंडे से देख सकते हैं कि वे किसका प्रतिनिधित्व करते हैं और संस्थाओं की स्थिति पर हमारा रुख नहीं बदला है। अफगान राजनयिक यहां अफगान नागरिकों को सेवाएं प्रदान करना जारी रखेंगे।
पाकिस्तान में आतंकियों की हत्या पर नहीं यह बोले बागची
वहीं, पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा आतंकवादियों के मारे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं पाकिस्तान में हो रहे घटनाक्रम पर टिप्पणी नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग भारत में आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के लिए न्याय का सामना करना चाहते हैं। हम चाहेंगे कि वे भारत आएं और हमारी कानूनी प्रणाली का सामना करें।
सैनिकों की वापसी के संबंध में कोर ग्रुप स्थापित करेंगे भारत और मालदीव
विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय सैनिकों की वापसी के संदर्भ में भारत और मालदीव से कोर ग्रुप स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। ये प्रगति दुबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बीच बैठक के बाद हुई है। दुबई में कॉप-28 शिखर सम्मेलन के मौके पर बैठक से इतर पीएम मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के बीच मुद्दे पर चर्चा हुई थी
पीओके पर बागची ने साफ किया रुख
इस दौरान बागची ने लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी 'पीओके हमारा है' को पाकिस्तान द्वारा खारिज किए जाने पर भी उन्होंने टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मुझे वास्तव में पीओके पर अपना रुख दोहराने की जरूरत है। मुझे इसकी जरूरत नहीं है। संसद में गृह मंत्री के बयान को स्पष्ट करें। पीओके पर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है, हम इसे भारत का हिस्सा मानते हैं और हमें निश्चित रूप से अपना बयान बदलने का कोई कारण नहीं दिखता।
कनाडा में भारतीय छात्रों की मौत पर भी बोले बागची
विदेश में मरने वाले भारतीय छात्रों की संख्या कनाडा में सबसे अधिक होने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि कनाडा में ऐसे मामले संख्यात्मक रूप से सबसे अधिक है, लेकिन मैं आग्रह करूंगा कि उन्हें उस देश में भारतीय छात्रों की कुल संख्या के संबंध में देखा जाए। हमें यह देखने की आवश्यकता होगी कि क्या ये हिंसा या कार दुर्घटनाओं के कारण हैं, हम नहीं जानते।
मुझे नहीं पता कि क्या यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे सरकार के समक्ष उठाया जाना चाहिए। ऐसी व्यक्तिगत घटनाएं हैं जहां बेईमानी हुई है और अन्य। हमारे वाणिज्य दूतावास परिवारों तक पहुंचते हैं, हम अभियोजन या अन्य जांच के लिए इसे स्थानीय अधिकारियों के साथ भी उठाते हैं जो वे कर रहे हैं।
भारत ने म्यांमार को सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया
विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत सरकार ने म्यांमार के सरकारी बलों और जुंटा विरोधी समूहों के बीच चल रहे संघर्ष के संदर्भ में अपनी सुरक्षा चिंताओं से अवगत करा दिया है। इसमें विशेष रूप से भारत में आए म्यांमार के शरणार्थियों की चुनौती शामिल है। भारत-म्यांमार सीमा के पास संघर्ष के कारण मिजोरम में प्रवेश करने वाले म्यांमार के शरणार्थियों की संख्या बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह मुद्दा बुधवार को नई दिल्ली में हुई भारत-म्यांमार विदेश कार्यालय परामर्श में उठाया गया था। भारत शांतिपूर्ण समाधान और म्यांमार की लोकतंत्र में वापसी का आह्वान करता रहा है।