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Masala Bond Case: 'केरल के सीएम विजयन को ईडी के नोटिस पर हमें भरोसा नहीं', मसाला बॉन्ड केस पर बोली कांग्रेस

Tue, 02 Dec 2025 04:02 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोड

सार

Masala Bond Case: कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने दावा किया कि केआईआईएफबी के मसाला बॉन्ड में निवेश करने वाली एक कनाडाई कंपनी का दूसरे विवादित कनाडाई समूह एसएनसी-लवलिन से संबंध है। रमेश चेन्निथला ने आरोप लगाया कि बॉन्ड जारी करने का उद्देश्य उसी कंपनी को लाभ पहुंचाना था।
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रमेश चेन्निथला, नेता, कांग्रेस - फोटो : ANI
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विस्तार
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केरल में केआईआईएफबी मसाला बॉन्ड मामले पर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को कांग्रेस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को भेजे गए कारण बताओ नोटिस पर गंभीर सवाल उठाए और इसे नकली और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मसाला बॉन्ड में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और इसकी जांच कभी न कभी जरूर होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सच्चाई सामने लाने के लिए हर कदम उठाएगी।
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'भाजपा और सीपीआईएम कर रहे ईडी का इस्तेमाल'
रमेश चेन्निथला ने आरोप लगाया कि भाजपा और सीपीआईएम दोनों ही अपनी राजनीतिक जरूरतों के लिए ईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा,'चुनाव के समय नोटिस भेजा जाता है और चुनाव के बाद कोई कार्रवाई नहीं होती। यह रणनीति सीपीआईएम को फायदा पहुंचाने के लिए है।'
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मसाला बॉन्ड को लेकर रमेश चेन्निथला का दावा
उन्होंने यह भी दावा किया कि केआईआईएफबी के मसाला बॉन्ड में निवेश करने वाली एक कनाडाई कंपनी का दूसरे विवादित कनाडाई समूह एसएनसी-लवलिन से संबंध है। रमेश चेन्निथला ने आरोप लगाया कि बॉन्ड जारी करने का उद्देश्य उसी कंपनी को लाभ पहुंचाना था।



बता दें कि मुख्यमंत्री विजयन पर पहले भी एसएनसी-लवलिन मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जब वह 1996 में बिजली मंत्री थे। ईडी ने सीएम विजयन, पूर्व वित्त मंत्री टीएम थॉमस आइजैक और सीएम के मुख्य प्रधान सचिव के एम अब्राहम को एफईएमए कानून के तहत नोटिस जारी किया है। यह नोटिस करीब 10-12 दिन पहले भेजा गया था और इसमें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।
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किस मामले को लेकर हैं ईडी की जांच?
ईडी की जांच 2000 करोड़ रुपये की उस राशि को लेकर है, जो केआईआईएफबी ने मसाला बॉन्ड के जरिए जुटाई थी। यह रकम राज्य में बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों के लिए जुटाई गई थी। कांग्रेस का दावा है कि यह मामला अब सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि राजनीतिक सौदेबाजी का संकेत देता है।

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