वैवाहिक बलात्कार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छिड़ी बहस के बीच केन्द्र सकार ने साफ कर दिया है कि यह अवधारणा भारतीय परिपेक्ष में लागू नहीं हो सकती।
गुरुवार को लोकसभा में सवाल पूछा गया था कि क्या सरकार वैवाहिक बलात्कार को आपराधिक श्रेणी में रखने पर कोई विचार कर रही है, इस पर जवाब देते हुए महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा, वैवाहिक बलात्कार को लेकर अंतराष्ट्रीय स्तर पर जो अवधारणा बन रही है उसे भारतीय परिपेक्ष में लागू नहीं किया जा सकता।
उसके पीछे कई वजह हैं जैसे, अशिक्षा, गरीबी, असंख्य सामाजिक रीति-रिवाज, धार्मिक विश्वास के अलावा शादी को समाज में एक संस्कार के रूप में स्वीकार करना।
वहीं एक अन्य सवाल के जवाब में मेनका गांधी ने कहा, महिलाओं की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय हेल्पलाइन पर आगामी एक अप्रैल से राज्यों और केन्द्र शाषित प्रदेशों में शुरू कर दी जाएगी। 24 घंटे चलने वाली यह हेल्पलाइन महिलाओं को सावर्जनिक, पारिवारिक और कार्यस्थलों पर होने वाली समस्याओं से आपातकालीन निजात दिलाने के लिए कार्य करेगी।