राज्यसभा सांसद छत्रपति संभाजीराजे ने सोमवार को कहा कि वह मराठा आरक्षण के मुद्दे पर 26 फरवरी से आमरण अनशन पर बैठेंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रत्यक्ष वंशज संभाजीराजे ने कहा कि वह मराठा समुदाय को न्याय दिलाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले मई में राज्य में प्रवेश और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को आरक्षण देने वाले महाराष्ट्र कानून को रद्द कर दिया था।
संभाजीराजे ने कहा, महाराष्ट्र सरकार गंभीर नहीं
संभाजीराजे ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोटा खारिज किए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार द्वारा दायर समीक्षा याचिका की स्थिति पर कोई स्पष्टता नहीं है। सांसद ने संवाददाताओं से कहा, मैंने कोटा खारिज होने पर सरकार से समीक्षा याचिका दायर करने को कहा था। उन्होंने समय लिया। यह ठीक था। उन्होंने रिव्यू पिटीशन दाखिल की। लेकिन इसकी स्थिति क्या है? हम नहीं जानते।
मुंबई के आजाद मैदान में अनशन
उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने उनसे खुद विरोध प्रदर्शन करने का कदम उठाने का आग्रह किया था। मैं अकेले मुंबई के आजाद मैदान में 26 फरवरी से आमरण अनशन पर बैठूंगा। उन्होंने कहा कि मैं समुदाय के लोगों को न्याय दिलाने के लिए यह कदम उठा रहा हूं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में एमवीए सरकार ने मराठों की अन्य मांगों पर काम नहीं किया है और कहा कि समुदाय को आरक्षण मिलना ही चाहिए।