कार्यकर्ता मनोज जरांगे पिछले एक साल से मराठा आरक्षण के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद जरांगे ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार को घेरा। उन्होंने राज्य सरकार को मराठा समुदाय के लिए सरकारी नौकरियां और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में आरक्षण की मांग को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने की धमकी दी है। उन्होंने यह भी बताया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव भी लड़ सकते हैं। जरांगे ने शनिवार को फिर से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया।
राज्य सरकार को जरांगे की चेतावनी
राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए जरांगे ने कहा कि उन्हें मराठा आरक्षण को लेकर फिर से प्रदर्शन शुरू करने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह आगामी विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
जरांगे ने जालना के अंतरवाली सराटी से सुबह साढ़े 10 बजे अपने आंदोलन का नया दौर शुरू किया। हालांकि, इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। बता दें कि मनोज जरांगे 2023 के अगस्त से नवंबर तक जालना जिले के अंतरवाली सराटी में अनशन पर बैठे थे। सरकार द्वारा मराठा समुदाय को आरक्षण देने का वादा करने के बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित कर दिया था।
इस साल के अंत में होगा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव
महाराष्ट्र में कुंबी समुदाय को ओबीसी श्रेणी में रखा गया है और मनोज जरांगे मराठा समुदाय के लिए कुंबी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं, जिससे कि उन्हें आरक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस से मराठा आरक्षण मुद्दे को समाधान करने की मांग की थी।
बता दें कि महाराष्ट्र में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाला है। जरांगे ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी राज्य चुनाव में महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए जाएंगे।