Maharashtra: '10 लाख वाहन होंगे मुंबई के लिए रवाना', मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन की रणनीति पर बोले मनोज जरांगे
Tue, 26 Dec 2023 08:51 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर
सार
मराठा आरक्षण को लेकर रार थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने आंदोलन को लेकर अपनी रणनीति तय कर दी है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए जरूरी सामान लेकर करीब दस लाख वाहन 20 जनवरी को मुंबई के लिए रवाना होंगे।
मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में रार थमने का नाम नहीं ले रही है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे लगातार मराठा आरक्षण की मांग को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार को 24 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद मनोज जरांगे ने अपने अगले कदम को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।
विज्ञापन
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मनोज जरांगे ने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए जरूरी सामान लेकर करीब दस लाख वाहन 20 जनवरी को मुंबई के लिए रवाना होंगे। जरांगे ने घोषणा कि 20 जनवरी से मुंबई में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण को लेकर फिर से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग दस लाख वाहन मुंबई के लिए रवाना होंगे। आसपास के जिलों के लोग अंतरवाली सरती आएंगे। जिसके बाद लोगों मुंबई की ओर पैदल चलना शुरू करेंगे।
आजाद मैदान में शुरू करूंगा भूख हड़ताल: जरांगे
जरांगे ने कहा, मैं 20 जनवरी से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करूंगा। मराठों को दबाना मुश्किल है। हम समुदाय के लिए आरक्षण हासिल किए बिना वापस नहीं लौटेंगे। आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा कि वह जालना जिले के अंतरवाली स्थित अपने गांव से पैदल ही रवाना होंगे और मुंबई पहुंचेंगे, इस दौरान समुदाय के सदस्य भी उनके साथ शामिल होंगे। जरांगे ने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की अपनी मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को 24 दिसंबर तक का समय दिया था।
विज्ञापन
बता दें कुछ दिनों पहले विधानसभा सत्र के दौरान सदन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो फरवरी में विशेष सत्र बुलाएंगे। मैं सभी मराठा समुदाय को आश्वासन देता हूं कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा। हम उनके लिए हरसंभव सहायता के लिए आगे हैं। जिसके बाद मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा था कि हम फरवरी तक का इतंजार नहीं करेंगे। अगर राज्य सरकार इस मुद्दे पर विफल रहती है तो निश्चित ही हमारा विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू हो जाएगा।